इंसानी दिमाग की वाहियात ईजाद - तर्कशील भारत

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Tuesday, December 21, 2021

इंसानी दिमाग की वाहियात ईजाद

 आप एक किताब को

खुदा का कलाम कहते हैं
और खुदा के इस कलाम को
निशानियों की 
किताब कहते हैं
मैं कहता हूँ
यह न खुदा का कलाम है
न निशानियों की किताब है
बल्कि
यह इंसानी दिमाग की
वाहियात ईजाद है

इतिहास के बारे में
क्या इल्म रखती है यह किताब ?
आदम की फर्जी कहानी से अलग
इस कलाम में
इंसानी इरतका का छोर कहाँ है ?
इस किताब में
क्या जुरासिक दौर की 
हकीकत बयां है ?
डायनासोर कैसे खत्म हुए
इसके बारे में
कोई निशानी है ?
डायनासोर की बात छोड़ दीजिए
क्या निएंडरथल के बारे में
कोई लाइन है इस किताब में ?
क्या मैमथ की कोई
निशानी है इस कलाम में ?

विकासवाद के बारे में
आदम की फर्जी कहानी से अलग
और क्या है इस किताब में ?

इंसान
मिट्टी से बना
या पानी से 
खून के लोथड़े से बना
या आदम के थोपडे से
एवोल्यूशन के नाम पर
इस मनगढ़ंत बात के सिवा 
कुछ और है
इस किताब में ?

इसलिए मैं कहता हूँ
यह न खुदा का कलाम है
न निशानियों की किताब है
बल्कि
यह इंसानी दिमाग की
वाहियात ईजाद है

खुदा की इस
वाहियात किताब की बुनियाद पर
आपका ईमान कायम है
और आपके एक ईमान में
72 टुकड़े हैं
इन सभी टुकड़ों की
बड़ी बड़ी इबादतगाहें हैं
मैं पूछता हूँ 
क्या इन इबादतगाहों की 
तामीर का फार्मूला
इस किताब में है ?
तामीर की बात हटाइये 
क्या किताब छापने की तकनीक
इस किताब में है ?

आपकी आंखों पर लगा 
नजर का चश्मा
जिसके बिना आप
इस किताब का एक हर्फ़ भी 
पढ़ नहीं सकते
बाइक कार बस ट्रेनें
हवाई जहाज या हवाई चप्पलें
जिसके बिना आप
एक कदम भी
चल नही सकते
किताबें कम्प्यूटर 
स्कूल कॉलेजेज 
जिनके बिना आप 
आगे बढ़ नहीं सकते
इन सब को बनाने की 
कुछ निशानियां
इस किताब में हो तो बताइए
तकनीक की बात ही छोड़िए
उल्लू या मुल्ला बनाने की
तरकीब के सिवा
इस किताब में कुछ
और हो तो बताइए

इसलिये मैं कहता हूँ
यह न खुदा का कलाम है
न निशानियों की किताब है
बल्कि
यह इंसानी दिमाग की
वाहियात ईजाद है

पुल बनाने की तकनीक के बारे में
क्या कहती है यह किताब ?
पुल की बात ही छोड़ दीजिये
टॉयलेट की तामीर के बारे में ही
कोई निशानी दिखा दीजिये
टॉयलेट की जानकारी होती
तो फर्जी खुदा के फर्जी पैंगबर को
खुले में शौच जाने की जरूरत ही क्या थी ?

इसलिये मैं कहता हूँ
यह न खुदा का कलाम है
न निशानियों की किताब है
बल्कि
यह इंसानी दिमाग की
वाहियात ईजाद है

धरती के बारे में
कितनी निशानियां हैं 
इस किताब में ?
क्या अमेरिका के 
होने की कोई निशानी है
इस किताब में ?
साइबेरिया ऑस्ट्रेलिया 
जापान या भूटान की
कोई निशानी है
इस किताब में ?
चलिए यह भी छोड़िए
क्या धरती गोल है
इस बात की 
तस्दीक करती है यह किताब ?
धरती सूरज का चक्कर लगाती है
इस साधारण सी बात को
तस्लीम करती है यह किताब ?

आप
हर्फ़ों को तोड़ मरोड़ कर
झूठी कहानियों को
सच्ची निशानियों में तब्दील कर सकते हैं
लेकिन 
दुनिया जानती है कि
इस किताब में
या इस तरह की 
तमाम मजहबी किताबों में
फर्जीवाड़े के सिवा कुछ नहीं है

इसलिये मैं कहता हूँ
यह न खुदा का कलाम है
न निशानियों की किताब है
बल्कि
यह इंसानी दिमाग की
वाहियात ईजाद है

सात आसमानों की
झूठी अफवाहों पर 
यकीन करें भी तो कैसे ?
क्योंकि आपके खुदा का आसमान तो
सामियाने की तरह टँगा हुआ है
और धरती 
चादर की तरह बिछा दी गई है
यह है फर्जी खुदा का
फर्जी इल्म
जिसपर एकदम
असली वाला गुमान है आपको
अगर सच मे
इस किताब में
आसमानों का इल्म है
तो बताइए
ओजोन परत के बारे में
क्या बकती है यह किताब ?
मार्स पर 
ऑक्सीजन लेबल कितना है ?
जुपिटर या शनि के चन्द्रमा कितने है ?
प्लूटो के बारे में कोई निशानी हो 
तो बता दीजिए
शनि के छल्लों के बारे में ही 
कुछ निकाल लीजिए
प्रोक्सिमा बी पर जीवन है या नहीं 
या हमारी गेलेक्सी में
धरती जैसा कोई ग्रह है कि नहीं
ग्रेविटी के बारे में ही
कुछ समझा दीजिये
ब्लैकहोल का दर्शन ही करवा दीजिये
मैं जानता हूँ
आप इससे ज्यादा कुछ न कहेंगे की
सब अल्लाह की मर्जी है
और मैं कहता हूँ कि खुदा के इस कलाम में
कायनात का इल्म रखने का दावा ही फर्जी है

इसलिये मैं फिर से कहता हूँ
यह न खुदा का कलाम है
न निशानियों की किताब है
बल्कि
यह इंसानी दिमाग की
वाहियात ईजाद है

असली कायनात को 
बनाने वाले किसी
फर्जी अल्लाह के इस कलाम में
दुनिया की समस्याओं से जूझने का
कोई हल ढूंढकर तो बताइये 

इबादतगाह की सीढ़ियों से गिरकर
आपकी पसलियां टूट जाएं
उस वक्त यह किताब कितना
आराम दे पाएगी आपको ?

या रात के अंधेरे में
कोई जहरीला सांप
आपको डस ले
तब आप 
डॉक्टर को याद करेंगे
या खुदा के इस कलाम में हल ढूंढेंगे ?

कोई डाकू आपको लूट ले
तब भी क्या आप 
इस किताब की बात पर यकीन करेंगे
की जो करता है खुदा करता है ?

खुदा के इस कलाम से ढूंढकर
कोई ऐसी निशानी ही बता दीजिये
जिससे मच्छरों से निजात मिल सके
कोई ऐसी तरकीब ही सुझा दीजिये
जिससे कोरोना की काट मिल सके

खुजली से लेकर
बवासीर के इलाज तक 
कोई निशानी
खुदा के इस कलाम में न मिलेगी

इसलिये मैं बार बार कहता हूँ
यह न खुदा का कलाम है
न निशानियों की किताब है
बल्कि
यह इंसानी दिमाग की
वाहियात ईजाद है

-shakeel prem

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