नए जंगलिस्तान में आपका स्वागत है - तर्कशील भारत

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Friday, August 20, 2021

नए जंगलिस्तान में आपका स्वागत है

 भेड़ों पर भेड़ियों के झुंड ने फतह हासिल की इस जीत पर भेड़ियों के नए सदर ने प्रेस कान्फ्रेंस का आयोजन किया...

भेड़ियों के नए सदर भेड़ियातुल्लाह कैमरे के सामने थे मीडिया की ओर से सवालों का दौर शुरू हुआ...पत्रकारों ने तय किया की नए सदर से इंटरव्यू के लिए किसी तेज तर्रार महिला पत्रकार को चुना जाए.

मर्द पत्रकारों के हुजूम में सलाला नामक एकमात्र महिला पत्रकार ही थी जो जहरीला टीवी की ओर से वहां पहुंची थी सभी पत्रकारों ने सलाला को प्रतिनिधि चुन लिया. 

थोड़ी देर की सरगर्मियों के बाद प्रेस क्लब में सदर पहुंच गए उनके सामने थीं सलाला..

सलाला- सर, हमने देखा कि जैसे ही आपके झुंड ने जंगलिस्तान की राजधानी को कब्जा किया भेड़ें जंगलिस्तान छोड़ कर भागने लगीं ऐसा क्यों हुआ ?

सदर- देखिये...हम शांति के सिपाही हैं जिन भेड़ों को अमनपरस्ती से मुहब्बत नहीं वो तो भागेंगे ही न...

सलाला- शांति के लिए इतनी अशांति क्यों ?

सदर- हमारा मकसद और हमारा मजहब एक ही है हम दुनिया मे अमन का पैगाम लेकर आये हैं जो मानेगा ठीक वर्ना हम मनवा लेंगे...

सलाला- मैंने सुना है कि आप लोग महिलाओं की इज्जत नहीं करते उन्हें पढ़ने नहीं देते आपके आने से उनकी आजादी खतरे में है....!

सदर- तुम भी तो महिला हो !! मेरे सामने सीना ताने बैठी हो

तुम यहाँ तक सही सलामत पहुंच गई क्या यह बात काफी नहीं यह साबित करने के लिए की हमारे होने से औरतों को कोई खतरा नहीं  ? 

सलाला- मेरा सवाल जंगलिस्तान की बच्चियों के लिए था जिन्हें पढ़ने के एवज में गोली मार दी जाती है....!

सदर-ऐसा कुछ नहीं है यहां बच्चियों को तुरान पढ़ने की पूरी आजादी हम देंगे और तुरान के बाद उन्हें कुछ और पढ़ने की जरूरत ही क्या है ? सारा इल्म तो इसी एक किताब में है...!!

सलाला- कोई लड़की डॉक्टर इंजीनियर बनना चाहे तो...

सदर-जो लड़की बचपन से तुरान पढ़ेगी उसका सपना अच्छी बीबी बनने का होगा फालतू की बातें उसके दिमाग मे आएंगी ही नहीं...

सलाला- तुरान के अलावा भी तो बहुत कुछ है दुनिया मे...ये आपके हाथ मे जो ए. के. 47 है यह तुरान पढ़कर नहीं बना इसलिए तुरान से बाहर का इल्म भी जरूरी है...

सदर- देखो अजान का समय हो गया है मैं चलता हूँ नमाज के बाद कमांडर इन चीफ आपके सवालों का जवाब देंगे...

जोहर की नमाज के बाद एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू हुई कमांडर इन चीफ ने आते ही गर्मजोशी के साथ सबका स्वागत किया और कहा "नए जंगलिस्तान में आप सभी का ख़ैर मकदम है" 

प्रेस वार्ता शुरू हो चुकी थी बाकी पत्रकार सलाला को ढूंढ रहे थे लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी सलाला नहीं मिल पाई...

अगले दिन जहरीला टीवी की ब्रिकिंग न्यूज़ थी....हमारी एक जिम्मेदार साथी सलाला जिनकी कल जंगलिस्तान की पहाड़ियों से गिरकर मौत हो गई वो वहां पिकनिक मनाने गईं थीं अल्लाह उनकी रूह को जन्नत अता फरमाए...आमीन...

जहरीला टीवी की इस दुआ के बाद ही जनगिलस्तान के नए वजीरेआजम का लाइव इंटरव्यू शुरू हुआ जिसमें वो कह रहे थे....

"हमारा मजहब और हमारा मकसद बस एक ही है पूरी दुनिया मे अमन का मजहब नाफ़िज़ हो जिसमें औरतों को बोलने की पूरी आजादी होगी हम पर भरोसा न हो तो हम दावत देते हैं दुनिया की कोई भी औरत जंगिस्तान आकर खुद से देख सकती है"

-शकील प्रेम🙏🙏🙏

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