रहमान की बेरहम दुनिया - तर्कशील भारत

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Saturday, June 19, 2021

रहमान की बेरहम दुनिया

 यह दुनिया किसने बनाई 

आपके अल्लाह ने 

जिसे आप रब्बुलालमिन कहते हो 

यानी पूरे आलम का रब ?


लेकिन मैं कहता हूँ

वह पूरी दुनिया का रब तो 

हो ही नहीं सकता

न ही उसे  

पूरी दुनिया के लिए 

रहमानुर्रहीम ही माना जा सकता है

क्योंकि

इतना कुरूप और बेढंगा निजाम 

कोई रहमदिल नहीं बना सकता


जहां इंसान को 

इंसान से भय हो

जहां एक कि मौत से

दूसरे की सत्ता तय हो


जहां निगाहें 

नजारों को सह रही हों

जहां आंसुओं के सैलाब में

जिंदगी की अनगिनत 

किताबें बह रही हों


जहां लहूँ की बरसातें हों

मरने मारने की बातें हों

जहां दर्द भरे लम्बे दिनों के साथ

गमों की भयंकर और कठोर रातें हों


जहां फसाद की जमीं पर

दंगों की सियासत मचल रही हो

और चिंताओं की असंख्य चिताओं पर

ख्वाबों की अनगिनत लाशें 

जल रही हों


कोई रह्मानुर्रहीम 

इतनी निर्दयी दुनिया को 

कैसे बना सकता है ?


जब कोई भूखा भेड़िया

किसी मेमने की माँ को

अपनी भूख का 

शिकार बना रहा हो

तब कौन होगा जिसे 

यह निजाम बुरा न लगे ?


चिड़िया के बच्चे 

घौंसलों में जब

मां की ममता के इंतजार में हों

और तभी 

कोई चील उन्हें

अपना निवाला बना ले

तब कौन होगा

जिसे यह सिस्टम

बेरहमी से भरा हुआ न लगे ?


इंसानों के साथ 

इंसानों का सुलूक तो

इससे भी कहीं ज्यादा 

खौफनाक रहा है

जिसे जानकर 

कौन होगा जिसकी आंखों में

पानी न उतर आए ?


आप जिसे 

रह्मानुर्रहीम कहते हैं

मेरी नजर में वह

एक महानतम भ्रम है

या फिर

एक महानतम शून्य

 

यदि आप फिर भी 

इस महान शून्यता में

किसी पराम् आत्मा को 

ढूंढने की जिद पर हो

तो

मैं कहूंगा कि  

आपका वह परम आत्मा

अभी

चेतना की

निकृष्टतम अवस्था में ही होगा


जिसके पास 

रहम नाम की कोई चीज 

इवॉल्व ही न हो पाई अभी....


-शकील प्रेम



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