जब तक एक भी आंख में आंसू है... - तर्कशील भारत

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Wednesday, May 5, 2021

जब तक एक भी आंख में आंसू है...

 जब तक...


एक भी आंख में आंसू है 

एक भी चेहरे पर उदासी है 

एक भी पेट भूखा है 

और एक भी मासूम 

डर के साये में है,


तब तक....


मैं यह नहीं मानूँगा की 

आपने समाज के लिए

कुछ सार्थक किया है

नहीं कभी नहीं,


मैं यह भी मानूँगा की

समाज के लिए

मैंने कुछ बेहतर किया है

नहीं कभी नहीं,


मैं यह भी नहीं मानूँगा

की महान आत्माओं ने

समाज के लिए

कुछ अच्छा किया है

नहीं कभी नहीं....


-शकील प्रेम

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