बंदरों की जंगे अजीम - तर्कशील भारत

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Tuesday, May 25, 2021

बंदरों की जंगे अजीम

 मूसा के बन्दर 

मूसा की खातिर लड़ रहे थे

मुहम्मद के बन्दर 

मुहम्मद की खातिर मर रहे थे

दोनों की इस जंगे अजीम में

ईसा के बन्दर

मूसा के बंदरों का साथ दे रहे थे

लेकिन 

चोर दरवाजे से

मुहम्मद के बंदरों को 

हथियार दे रहे थे

तीनों बंदरों की

इस युगों पुरानी 

कुंठाओं की आग में

जंगल जल रहे थे

लेकिन 

बन्दर मचल रहे थे

बंदरों की इस लड़ाई में

कुछ बन्दर 

भीतर से

अपनी कलाबाजी का

प्रदर्शन कर रहे थे 

तो कुछ बन्दर

बाहर से समर्थन दे रहे थे

मुहम्मद के बंदरों को

हरे बंदरों की 

टोलियों का समर्थन हासिल था

तो मूसा के बन्दरों की 

गुरिल्लों से 

अच्छी खासी दोस्ती थी 

फिर एक दिन

बंदरों ने

आपस मे बैठ कर

"सीज फायर" का ऐलान कर दिया

और बंदरों की इस 

जंगे अजीम में

कुछ समय के लिए

विराम लग गया.


-शकील प्रेम






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