ये धरती जिंदा लोगों का घर है - तर्कशील भारत

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Wednesday, April 14, 2021

ये धरती जिंदा लोगों का घर है

 अगर

आपकी आंखें जिंदा हों तो
कष्ट को देखिए
संवेदनाये जिंदा हों तो
दर्द को महसूस कीजिये
हाथ जिंदा हों तो
कुछ तामीर कीजिये
पैर जिंदा हों तो
सही रास्ते पर चलिए
जुबां जिंदा हों तो
सच बोलिये
कान जिंदा हों तो
वेदनाओं को सुनिए
जिज्ञासाएं जिंदा हों तो
सच की तलाश कीजिये
कलम जिंदा हो तो
तकदीर लिखिये
विचार जिंदा हों तो
शिष्टाचार पैदा कीजिये
खुद जिंदा हो तो
खुद का निर्माण कीजिये
क्योंकि
ये धरती जिंदा लोगों का घर है
और मरे हुए लोगों का मुर्दाघर है

-शकील प्रेम
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