विषय मे समाई दुनिया - तर्कशील भारत

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Friday, March 5, 2021

विषय मे समाई दुनिया

 यूनिवर्स की शुरुआत 

मैथ्स से होती है

कॉस्मोलॉजी के 

प्रत्येक इवेंट के पीछे

मैथ्स ही काम करता है

बिग बैंग हो या

इवेंट होराइजन 

अल्फा सेंचुरी हो या

टाइटन

हाइड्रोजन के 

अणुओं का मिलन हो

या मिल कर बिछड़ना

दो सितारों का मिलन हो या

मिल कर बिखरना

यह जोड़ तोड़ 

गुणा भाग 

मैथ्स के बिना मुमकिन नहीं


मैथ्स के 

कैलकुलेशन के साथ ही

फिजिक्स का 

लिरिक्स शुरू होता है

यूनिवर्स के विसर्जन से लेकर

पहली कोशिका के उत्सर्जन तक

सब फिजिक्स ही तो है

तारों का चमकना

कलियों का चटखना

रोशनी या परछाई

जीवन की हर इकाई

सब फिजिक्स ही तो है

फिजिक्स और मैथ्स के 

बेहतरीन तालमेल से 

संसार गतिशील होता है

और संसार की गतिशीलता से ही

जीवन प्रगतिशील होता है

अमीबा हो या इंसान 

कमजोर हो या बलवान

सब फिजिक्स ही तो है


मैथ्स और फिजिक्स के साथ 

जब कैमेस्ट्री का मिलन होता है 

तब हरकतों का शोर 

और बरकतों 

का दौर शुरू होता है

तीनों मिलकर

दुनिया को सजाते हैं

और इस तरह

तीनों मिलकर

ज्योग्राफी बनाते हैं


इसी ज्योग्राफी में

मैथ्स फिजिक्स और 

कैमेस्ट्री के साथ 

जब बायलॉजी की एंट्री होती है

तब यह अदभुत संगम ही 

जीवन की 

अविरल धारा बन जाती है

और फिर 

जीवन की यह मुख्य धारा

एवोल्यूशन से मिलकर

विभिन्न सरिताओं में

बदल जाती है और

आगे चलकर

असंख्य तालों के

रूप में परिवर्तित हो जाती है

और इस तरह

यह सूनी धरती

जैविक विविधता से

पूर्ण हो जाती है


मैथ्स के समय से

चली आ रही हिस्ट्री

यहीं से अपना रंग दिखाती है

और 

ज्योग्राफी के रंगमंच पर

जीवन के खेल को समझाती है


हिस्ट्री से जब पोलिटिकल साइंस 

की मुलाकात होती है

तब होमो इरेक्टस जवां होकर

होमोसेपियंस बन जाता है

होमोसेपियंस जब

लेंग्वेज के साथ 

हिस्ट्री और ज्योग्राफी को समझने की 

जद्दोजहद करता है

तब फिलॉसफी आकार लेती है

और जब मानव मस्तिष्क 

जटिलताओं पर सवार होकर 

व्यवहारिकता में डूब जाता है

तब साइकोलॉजी साकार होती है


भोजन सुरक्षा और प्रजनन 

के साथ 

जीवन का संघर्ष 

भविष्य में

आगे बढ़ते हुए

चेतनाओं का विशाल पुंज बन जाएगा

और आखिरकार

बायलॉजी साइकोलॉजी और फिलॉसफी 

तीनों ज्योग्राफी से 

हमेशा के लिए

विलुप्ति की ओर 

कदम बढ़ा लेंगे

अन्ततः

आर्कियोलॉजी तक पहुंच कर 

मिट्टी में मिल जायेंगे


जीवन मर जाएगा

पालिटिकल साइंस समाप्त हो जाएगा

बायलॉजी की साइकोलॉजी

हमेशा के लिए 

खत्म हो जाएगी

और एक दिन

ज्योग्राफी भी धूमिल हो जाएगी

लेकिन

फिजिक्स कैमेस्ट्री और मैथ्स का

कारवाँ

अनन्त काल तक

चलता रहेगा.


-शकील प्रेम




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