अंधकार और शून्य - तर्कशील भारत

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Sunday, November 29, 2020

अंधकार और शून्य

अंधकार ने शून्य से कहा

चलो इश्क करते हैं

नतीजतन 

बिगबैंग हो गया

बिगबैंग जब समय से मिला

मेटर और एंटीमैटर ने जन्म लिया

दोनों मिले

तो हाइड्रोजन पैदा हुई

हाइड्रोजन और हीलियम मिले

तो ऊर्जा ने जन्म लिया

ऊर्जा ने जब 

ग्रेविटी से इश्क किया

तो आकाशगंगा बनी

आकाशगंगा ने ब्लैकहोल के साथ

गठबंधन किया 

सूरज पैदा हुआ

सूरज ने कार्बन के साथ 

उत्सर्जन किया

पृथ्वी का उदय हुआ

पृथ्वी ने ऑक्सीजन के साथ 

प्रेम किया और 

जीवन ने जन्म लिया

जीवन जब 

एवोल्यूशन के साथ मिला

होमोसेपियंस ने जन्म लिया

होमोसेपियंस ने 

मिट्टी में लाइनें उकेरी

वो शब्द बन गए

शब्द जब जवां हुए 

तो भाषा बन गये

भाषा मे भाव मिले

तो विचार बन गए

विचारों के साथ सवाल मिले

तो दर्शन बन गये

दर्शन के साथ जिज्ञासा मिली

तो सभ्यताएं बन गईं

सभ्यताएं जब रूढ़ हो गईं

तो संस्कृति का जन्म हुआ

संस्कृति जब 

खयालों पर सवार हुई 

तो धर्म बन गये

धर्म जब शोषण के साथ मिला

तो पाखण्डवाद का जन्म हुआ

इसी पाखण्डवाद ने

विचारों को कैद कर लिया

और

जिज्ञासा की हत्या कर दी

परिणाम

अंधकार और शून्य


-शकील प्रेम

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