साहेब की बिल्ली - तर्कशील भारत

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Saturday, November 28, 2020

साहेब की बिल्ली

 साहेब,

साहेब की बिल्ली

और साहेब की जूती

यही तीन बातें 

साहेब के मरने के बाद

उनकी वसीयत में लिखी मिली

गुलामों ने

इसी को

आखिरी सच समझ लिया,

इस बात को

कई सदियाँ बीत गईं

लेकिन

आज भी

गुलामों के गुलाम

साहेब की 

खोई बिल्ली तलाश रहे हैं

साहेब की जूती 

सर पर उठाए मचल रहे हैं

और इसे ही 

अपना मुकम्मल ईमान समझ रहे हैं.

-शकील प्रेम


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