एक भड़वे को जवाब - तर्कशील भारत

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Monday, July 13, 2020

एक भड़वे को जवाब

फेसबुक पर मेरे एक मित्र हैं जो पेशे से (शायद) डॉक्टर हैं उन्होंने मुझसे एक सवाल पूछा है की नास्तिक महिलाएं रंडियों की तरह गाढ़ी लिपस्टिक तो लगाती हैं लेकिन एक भी पटती नही ? इस सवाल का जवाब मैं उन्हें सार्वजनिक तौर पर देना चाहता हूँ.

सबसे पहले तो मैं आपको बता दूँ की आपके डॉक्टर होने पर मुझे पहले से ही शक था लेकिन अब आपके इस प्रश्न को देखकर मैं यकीन के साथ कह सकता हूँ की आप डॉक्टर नही हो सकते कोई स्त्री क्या पहनती है या कौन सी लिपिस्टिक लगाती है क्या यही देखने आप फेसबुक पर आये हैं ?

एक स्त्री के नास्तिक होने की गरिमा को आप जैसा कुत्सित मानसिकता का व्यक्ति नही समझ सकता और न ही आप एक नास्तिक स्त्री के अंदर की वेदनाओं को महसूस कर सकते हैं क्योंकि आप अभी उस उदगार को समझने की स्थिति तक पहुंचे ही नहीं इसलिए आपको उन चेहरों की गाढ़ी लिपिस्टिक तो दिख जाती है लेकिन उन चमकते हुए चेहरों की उन्मुक्त रेखाएं नजर नही आती.

आप पिछले 5 वर्षों से मेरे मित्र हैं और इस बीच कई बार मैंने महसूस किया की आप मित्रता के लायक नही हैं लेकिन फिर मुझे लगा की आपको थोड़ा समय और देना चाहिए लेकिन आज मुझे यकीन हो गया है की कुत्ते की दुम वाली कहावत एकदम सही है आप खुद को क्या समझते हैं ? किस बात का घमंड है आपको ? आपने बताया की आपके पास दो बीएमडब्ल्यू है आप बांद्रा में रहते हैं यूरोप में बिजनेस करते हैं तो इससे यह साबित नही होता की आप इंसान बन गये ? अभी एवोल्यूशन में आप काफी पीछे हैं जनाब, वक्त लगेगा इंसान बनने में. आपके पास बेशक 4 बीएमडब्ल्यू और हो जाएं लेकिन आप मेरी नजर में दो कौड़ी के इंसान भी नही हैं.

मैं सार्वजिनक तौर पर आपको एक्सपोज्ड कर रहा हूँ ताकि आप जैसे दूसरे लोग भी जान लें की मैं यहां आपकी तरह फालतू नही हूँ स्त्री के बारे में कुछ भी उल्टा सीधा बोलने से पहले यह जान लीजिये की मैं स्त्री की उन्मुक्त सोच का सम्मान करता हूँ वह चाहे किसी भी विचारधारा की हो कुछ भी पहनती हो किसी भी रंग का लिपिस्टिक लगाती हो यह उसकी व्यक्तिगत आजादी है जिसे छूने की हिमाकत करना तुम जैसे घटिया आदमी की औकात से बाहर की बात है एक स्त्री तब तक रंडी नही है जब तक एक आदमी भड़वा न हो.

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