हत्या और आत्महत्या - तर्कशील भारत

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Sunday, June 14, 2020

हत्या और आत्महत्या

कत्ल से पहले कातिल 
मंसूबा बनाता है
कैसे मारना है 
इसकी योजना तैयार करता है
फिर बड़े एहतियात के साथ
अपनी नफ़रत को 
अंजाम तक पहुंचाता है
और 
एक जिंदा इंसान को
लाश में तब्दील कर देता है
शायद 
इसी को हत्या कहते हैं

कत्ल से पहले 
हत्यारा 
मंसूबा बनाता है
कैसे मारना है 
इसकी योजना तैयार करता है
फिर बड़े एहतियात के साथ
अपनी नफ़रत को 
अंजाम तक पहुंचाता है
और 
खुद को
लाश में तब्दील कर देता है.
शायद 
इसी को आत्महत्या कहते हैं.

जिस कत्ल में
कातिल और मकतूल
दो अलग अलग वजूद होते हैं 
उसे हत्या कहा जाता है

लेकिन जिस हत्या में
कातिल और मकतूल
दोनों एक ही वजूद में कैद हो
उसे आत्महत्या कहा जाता है.

-शकील प्रेम








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