"डर" - तर्कशील भारत

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Sunday, May 10, 2020

"डर"

"डर" 


डरना जरूरी है 
क्योंकि डर 
मनुष्य का स्वाभाविक गुण है
डर इंसान के विकासवाद का
अभिन्न हिस्सा रहा है 
इंसान 
हर उस चीज से डरता आया है
जो उसके आस्तित्व के लिए 
संकट पैदा कर सकता है
अंधकार का डर
मृत्यु का डर
खोने का डर
विफलता का डर,

सुरक्षा की भावना ही 
असुरक्षा के डर को जन्म देती है 
डर 
प्रत्येक जीवित प्राणी में 
मौजूद होता है
हममें भी है
लेकिन हममें एक और डर है
जो किसी भी 
दूसरी प्रजाति के जीव में नही है
वह है
ईश्वर का डर,

अल्लाह से डरो 
क्योंकि वो सबसे बड़ा है
चोर डाकू बारिश बिजली
सांप बिच्छु गुंडे अपराधी
इन सब से भी डरो
क्योंकि ये सभी 
हमारे आस्तित्व के लिए 
घातक हो सकते हैं
लेकिन 
सबसे पहले खुदा से डरो
क्योंकि वो इन सबसे बड़ा है

अब सोचने वाली बात यह है की
ईश्वर खुदा गॉड अल्लाह
हमारे आस्तित्व के लिए
सबसे घातक क्यों हैं ?

अगर घातक नही तो फिर 
उनसे "डर" किसलिये ?

कहीं ऐसा तो नहीं की
हमारे इस "डर" के पीछे
किसी और की "जीत" छुपी हो ?

सोचिएगा जरूर.

(नोट- इस "डर" के पीछे की "जीत" समझ गये तो समझिये की आप सभी धर्मों का गूढ़ रहस्य समझ गये.)

-शकील प्रेम

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