मजहब ही सिखाता है आपस में बैर रखना - तर्कशील भारत

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Saturday, May 30, 2020

मजहब ही सिखाता है आपस में बैर रखना


"मजहब नही सिखाता आपस मे बैर रखना" इक़बाल ने झूठ बोला था महाझूठ वो किस मजहब की बात करता था ? ऐसा कौन सा मजहब है जो लड़ना नही सीखाता ? मजहबों की तारीख में ऐसा कोई दिन नही गुजरा जब सब खैर रहा हो और आपस मे बैर न रहा हो काफिर का कत्ल औरत से घिन शूद्र से नफरत और नारी हीन कभी इसने उसका सर फाड़ा कभी उसने इसको दे मारा धर्मयुद्ध और जिहाद का नारा लहू में रंग दिया जग सारा घायल हुई इंसानियत मर गया भाईचारा गीता में युद्ध वेदों में लूट कुरान में हिंसा बाइबिल में फूट इक़बाल ने सरासर झूठ बोला था महाझूठ मजहब ही सिखाता है हरामखोरी पर सैर करना आपस में लड़वा कर फ़टी में पैर रखना मजहब ही सिखाता है आपस में बैर रखना. -शकील प्रेम

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