एक फीमेल कोलंबस की मौत - तर्कशील भारत

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Monday, May 4, 2020

एक फीमेल कोलंबस की मौत

एक फीमेल कोलंबस की मौत 



पिछले दो साल से रोजी गेब्रियल नाम की यह कनाडियन लड़की youtube पर ट्रेवल ब्लॉगर के रूप में वीडियो बना रही हैं उनके चैनल पर दो लाख से ज्यादा subscribers हैं.


अपने videos में "रोजी" जिस बिंदास अंदाज में दुनिया की सैर करती हुई अकेली दिखाई देती हैं वह कमाल का होता है कभी वो भीड़ भरे रास्तों से गुजरती हुई नजर आती हैं तो कभी बियाबान रास्तों पर रोजी और उनकी बाइक के अलावा दूर दूर तक कोई नही होता पहाड़ों दर्रो को पार करती हुईं रोजी उन इलाकों तक पहुंचती हुई दिखाई देती हैं जहां पहुँचना मर्दों की मर्दानगी के लिए भी चुनौती भरा हो सकता है.


रोजी ने वह कर दिखाया जो अपने आप मे एक मिसाल है वह आज के दौर की फीमेल कोलम्बस से कम नही हैं
अपनी मोटरसाइकिल से अमेरिका अफ्रीका और अरब की यात्रा के बाद एक साल पहले उन्होंने पाकिस्तान की यात्रा शुरू की वे अपनी मोटरसाइकिल से पाकिस्तान के दूर दराज इलाकों तक पहुंची और पाकिस्तानी लोगों से इतना प्रभावित हुईं की उन्होंने कुछ दिन पहले इस्लाम अपना लिया.


शायद उन्हें मालूम नही की उनका यह अंदाज इस्लाम के तसव्वुर से भी बाहर की बात है इस्लाम को तो ऐसी महिलाओं की परछाइयाँ भी नागवार गुजरती हैं.


मैं रोजी जी से कहना चाहता हूँ कि शायद आपको मालूम नही की आप स्वर्ग से सीधे गटर में गिरी हैं इस्लाम मे औरतों की औकात क्या है कलमा पढ़ने से पहले आपने यह जान लिया होता तब आप आप ऐसा फैसला कभी न करती.


जिन लोगों के मिलनसार रवैये से आप प्रभावित हुईं ये इस्लाम नही पाकिस्तान में रहने वाले लोगों की संस्कृति का अंग है क्योंकि मेहमाननवाजी भारतीय उपमहाद्वीप के लोगों की सभ्यता का अभिन्न अंग हिस्सा है.


आप कल्चर और धर्म मे अंतर नही कर पाई आपने दोनों को एक ही समझ लिया आपके साथ पाकिस्तानी लोगों का मिलनसार होना यह उस इलाके की तहजीब का हिस्सा है न कि वहां के रिलीजन का. आपके प्रति लोगों के अच्छे व्यवहार को अगर आप उनके धर्म से जोड़कर देखती हैं तो यह आपकी बहुत बड़ी गलतफहमी है क्योंकि इस्लाम मे आप जैसी औरतों के लिए कोई जगह ही नही है इस्लाम मे औरत का ऐसे अकेले घूमना पूरी तरह वर्जित है.


किसी भी धर्म को अपनाना या उसे त्यागना यह किसी भी इंसान का व्यक्तिगत फैसला हो सकता है और मैं आपकी इस स्वतंत्रता का समर्थन करता हूँ लेकिन जब आप किसी ऐसे प्लेटफॉर्म पर हो जहां लाखों लोग आपको फॉलो करते हो और इन फ़ॉलोअर्स में हर तरह के लोग हों तब आपकी हर अभिव्यक्ति का असर दूसरों पर भी होता है और तब आपकी यह स्वतन्त्रा व्यक्तिगत नही रह जाती.


आपने अपने चैनल पर अपने कन्वर्जन का वीडियो अपलोड किया जिसे लाखों लोगों ने देखा इसमें वो लड़कियां भी होंगी जो आपकी तरह बिंदास घूमने का ख्वाब देखती होंगी लेकिन उनके लिए इस्लाम मे यह सब हराम है यह वही इस्लाम है जिसे आपने अपनाया है लेकिन आप अमीर हैं कनाडा से हैं इसलिए आपके लिए इस्लाम का वह कुरूप और भयावह चेहरा शायद कभी सामने नही आएगा जो करोड़ों औरतों की जिंदगी का हिस्सा है.


इस्लाम के डरावने साये में पाकिस्तान की वो करोड़ों लड़कियां अपनी जिंदगी गुजार रही हैं जिन तक आपका कैमरा नही पहुंच पाया ये वही मुस्लिम लड़कियां हैं जो जीवन भर उसी पाकिस्तान की तंग गलियों की किसी बन्द चारदीवारी से बाहर नही निकल पाती जहां के कोने कोने तक आप बिंदास घूमती रही.


आप अमीर हैं और केनेडियन भी इसलिए शायद आप इस्लाम की घोर नारीविरोधी मानसिकता का शिकार होने से बच जाएं लेकिन भारतीय उपमहाद्वीप की वो नादान लड़कियां जो न तो अमीर हैं और न ही केनेडियन हैं उनमे से जो आपके इस शहादा के चक्कर मे फंस कर इस्लाम अपनाने की भूल कर बैठेंगी उन्हें तो इस्लाम की इस घोर नारीविरोधी मानसिकता को झेलना ही पड़ेगा.


यह इस्लाम का वह दोगला चरित्र है जो आपके लिए कुछ और है और मलाला जैसी लड़कियों के लिए कुछ और.


आप कैसे इतनी बेगैरत हो सकती हैं कि पूरे पाकिस्तान
में आपको इस्लाम की बन्द बोरियों में कैद औरतें नजर नही आई इनमे वो लाखों लड़कियां भी हैं जो पढ़ना चाहती हैं आपकी तरह घूमना चाहती हैं अपने सपनों की उड़ान भरना चाहती हैं लेकिन चाह कर भी वे ऐसा नही कर सकती क्योंकि उनके पंख इस्लाम ने कतरे हुए हैं उनके पैरों में हदीसों की बेड़ियां हैं जिन्हें तोड़ना उनके बस में नही उनके अरमानों पर उलेमाओं ने मोटे ताले जड़ दिए हैं जिन्हें तोड़ पाना उन लड़कियों के लिए नामुमकिन है.


अगर आप सच मे इस्लाम से प्रभावित होकर मुस्लिम बनी हैं तो आपको शोशल मीडिया पर इस्लाम की वह एक बात जरूर बतानी चाहिए थी जो औरत के हक में हो लेकिन आपने अपने शहादा के वीडियो में या फेसबुक पोस्ट में ऐसी एक भी बात नही बताई जो यह साबित करती हो कि इस्लाम वाकई में औरत के हित मे हैं.


आपने अपने लंबे चौड़े फेसबुक लेख में लिखा कि आपको ऑलमाइटी गॉड ने अवसर प्रदान किया कि आपको एक शानदार जिंदगी मिली तो मैडम यह बताइये की इस्लाम के नाम पर जिन करोड़ों औरतों को जहन्नम से भी बुरी जिंदगी गुजारने पर मजबूर होना पड़ता है उन अबला नारियों का ऑलमाइटी कौन है ?


आपने पाकिस्तान की तमाम खूबसूरत जगहों की सैर की लेकिन क्या कभी पाकिस्तान की उन चारदीवारियों में गईं जिनके पीछे इस्लाम की औरतों की दरहक़ीक़त छुपी है ?


क्या आप एक दिन भी इस्लाम के अनुसार गुजार सकती हैं ? क्या आपको मालूम है कि जिस इस्लाम के ऑलमाइटी ने आपको इस्लाम स्वीकार करने को प्रेरित किया वही अल्लाह और उसकी किताब औरतों के बारे में क्या राय रखते हैं ? एक मुस्लिम औरत के लिए अल्लाह और उसके पैगम्बर ने बस दो ही जगहें बनाई हैं घर की चारदीवारी और कब्र. बस इस्लाम मे औरत की यही लक्ष्मण रेखा है.


यूट्यूब और फेसबुक पर आपका एक वीडियो है जिसमे आप कैमरे के सामने रो रही हैं मुझे आपका यह वीडियो आपके व्यक्तित्व की तरह ही बनावटी लगा क्योंकि कैमरे के सामने एक्टर रोते हैं रियल आदमी को रोने के लिए कैमरे की जरूरत नही पड़ती ड्रामा सीरियल के बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ आपके रोने वाला वीडियो काफी असरदार तो है लेकिन उसमे आपके व्यक्तित्व के नकलीपन की झलक भी है आपके इस तरह रोने से मेरे अंदर कोई सिम्पथी पैदा नही हुई.


मुझे आप पर गर्व था क्योंकि आप इंडियन सबकॉन्टिनेंट की लड़कियों के लिए एक आदर्श हो सकती थी गांवो कस्बों या छोटे शहरों की लड़कियों के अंदर छुपी उड़ान को आप गति दे सकती थी आपके वजूद के उजाले में न जाने कितनी लड़कियां खुद को रोशन कर सकती थी लेकिन वो लाखों करोड़ों लड़कियां जिनमे मेरी 20 साल की बेटी भी शामिल थी अब आपसे क्या ऊर्जा ले सकती हैं ? उनके लिए अब रोजी गेब्रियल नाम का वह चराग इस्लाम के 1400 साल पुराने खण्डहर में कैद हो चुका है.


मेरी बेटी आपकी फैन थी लेकिन आपके शहादा वाले वीडियो के बाद वह आपको भूल चुकी है उसके संस्मरण से अब रोजी गेब्रियल का वजूद भी मिट चुका है मेरी बेटी का यह संदेश आपके लिए है.


हेलो रोजी मैम,


मैंने आपसे बहुत कुछ सीखा है आप मेरी आदर्श थीं मैं आपके अंदर खुद को देखती थी मैंने आपके हर वीडियो के कमेंट में आपको सराहा है मैं सपनों में आपकी बाइक की पिछली सीट पर सवार होकर खैबर पास की घाटियों में आपके साथ घूमी हूँ मैंने आपमें औरत की असली आजादी को महसूस किया मैंने आपमे औरत के असली वजूद को पाया मैंने आपमे ही औरत की असली जिंदगी की वह खूबसूरत तस्वीर देखी जिसे मैं खुद जीना चाहती थी.


एक वीडियो में जब आप बाइक से गिरी तो चोट मुझे लगी मैंने सोचा था कि एक दिन मैं भी बाइक पर दुनिया की सैर करते हुए आप तक पहुंचूंगी और आपको गले लगा कर जोर जोर से ठहाके लगाते हुए हसुंगी और आपसे सीखूंगी यूं बिंदास जीने के टिप्स.


लेकिन जब मैने फेसबुक पर आपकी वह पोस्ट पढ़ी जिसमे आपने मजहब अपनाने की घोषणा की थी तब मैं सर पर हाथ रख कर बैठ गई मुझे बड़ा सदमा लगा फिर मैने आपका वह वीडियो देखा जिसमे आप किसी मस्जिद में बैठ कर शहादा का पाठ पढ़ रही हैं मुझे घोर आश्चर्य हुआ कि आप जैसी आजाद लड़की ऐसा कैसे कर सकती है ? अपनी आजादी को किसी ऑलमाइटी के नाम पर कुर्बान कर देना यह आपकी मूर्खता नही तो और क्या है ? कोई भी मजहब अपनाना आपका पर्सनल मैटर हो सकता है इसमें कोई बुराई नही है लेकिन अपने पर्सनल मैटर को तमाशा बनाना गलत है.


आपको मुझ जैसी लड़कियां इसलिए पसंद करती थी क्योंकि आप हम सब के ख्वाबों की उड़ान भर रही थीं आजादी की ओर औरत के उम्मीदों की मशाल लिए चल रही थी लेकिन अब आपके शहादा के चक्कर मे हम सब के अरमान शहीद हो गये क्योंकि हमें सिर्फ आजादी पसन्द है मजहब की गुलामी नहीं.


आपने यह गलत किया ऐसा कर आपने मुझ जैसी लड़कियों के ख्वाबों को तोड़ा है इसलिए अब मुझे आपकी कोई जरूरत नही.


आखिर में बस इतना कहूंगी की मैंने फेसबुक पर आपको अनफॉलो कर दिया है और youtube पर भी आपके चैनल का अनसब्सक्राइब बटन दबा कर आपसे अपने जज्बाती रिश्तों को सदा के लिए तोड़ दिया है क्योंकि मुझे गुलाम औरतें पसंद नही.


आप गुलामी को एन्जॉय करें यही मेरी कामना है इंसानियत जिंदाबाद.

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