जायरा वसीम को खुला खत.. - तर्कशील भारत

Header Ads Widget

Monday, July 8, 2019

जायरा वसीम को खुला खत..


जायरा वसीम
आपने बॉलीवुड को छोड़ दिया बहुत अच्छा किया क्योंकि यह काम आपके अल्लाह और उसके मजहब के बीच मे आता है यानी आपके हिसाब से अब तक आप जिस प्रोफेशन में थीं वो इस्लाम के विरुद्ध था आपके हिसाब से जो लोग यहां काम कर रहे हैं वे सब के सब गलत राह पर हैं तो मैडम मैं आपको बता दूँ की दो तरह के मेढ़क होते हैं एक वो जो छोटे से गड्ढे में ही जिंदगी बिता देते है और बरसात में जब अपने कुएँ से बाहर आते है तब उन्हें असली दुनिया का अंदाजा होता है वो फिर कभी अपने गड्ढे में नही जाते दूसरे किस्म के मेंढक वो होते है जिनकी परवरिश साफ नदी में होती है लेकिन उन्हें गन्दा नाला पसंद होता है और वह अपनी बाकी की जिंदगी ऐसे ही किसी सड़े हुए गड्ढे में बिताना पसंद करते है यह उनकी चॉइस होती है आप भी ऐसी ही मेंढक हैं जिसने समुद्र को त्यागकर गड्ढा चुना.

अगर आपको लगता है कि आपके इस फैसले से बॉलीवुड की इस रंगीन दुनिया की चमक रत्ती बराबर भी फीकी पड़ेगी तो यह आपकी भूल है यहां रोज नए सितारे उगते हैं और रोज ही कई सितारे गर्दिशों में पहुंच जाते हैं जिस समय आपने कला के इस प्लेटफॉर्म से त्यागपत्र दिया ठीक उसी समय उसी मुंबई की गलियों में भविष्य के कई सितारे भटक रहे होंगे जिन्हें एक छोटे से मौके की तलाश होगी खैर यह आपकी चॉइस है इससे मुझे आपत्ति नही.

बॉलीवुड की दुनिया को छोड़ने के पीछे आपने जो तर्क दिया है मुझे आपकी उस सोच से दिक्कत है आपने कहा है यह आपके अल्लाह को पसंद नही.

आपने बिल्कुल सही फरमाया की अल्लाह को एक औरत की आजादी बिल्कुल पसंद नही उसे यह बिल्कुल नही सुहाता की कोई स्त्री अपनी खुद की राय कायम करे उसे पसंद नही की औरतें बेपर्दा घूमें वो नही चाहता कि महिलाएं अपनी मर्जी की बात करें आजाद खयाल लड़कियां तो केवल जन्नत में ही हो सकती हैं जो बकरेनुमा दाढ़ी वाले मूंछ मुंडाये अल्लाह के प्यारे बन्दों का इंतजार कर रही हैं.

आप के लिए दुनिया मे दो ही जगह हैं एक पिता या पति का घर दूसरी कब्र इससे ज्यादा की आजादी दुनिया मे आपके लिए नही है हिमाकत करोगी तो जहन्नम जाओगी और अगर पति के तलवे चाटते हुए एक नेक बीबी बन कर जिंदगी गुजार दोगी तब तुम जरूर जन्नत को हासिल कर लोगी लेकिन जन्नत में भी तुम्हारे लिए होगा क्या ? पति की 72 हूरों की सरदारी ? यानी एक अदद कोठा मालकिन का ओहदा ? इससे ज्यादा की औकात तो आपकी वहां भी नही है ? और अगर कुंवारी मर गई तब तुम्हे वहां क्या मिलेगा ? कभी पूछना उन मुल्लों से जिन्होंने तुम्हें अल्लाह की इस मर्जी से वाकिफ करवाया है जिसके चलते तुमने कला को लात मारी है.

अल्लाह औरतों को किस रूप और किस हालात में देखना चाहता है इसे अच्छी तरह जानना चाहती हो तो कभी पाकिस्तान और अफगानिस्तान का दौरा कर लेना और उन ख़्वातीनों की कहानियों को अखबारों में ढूंढ कर पढ़ लेना जो अल्लाह के रास्ते से थोड़ा सा भटक गईं थीं आपके हिसाब तो इनके साथ जो हुआ ठीक ही हुआ क्योंकि ये औरतें अल्लाह के मार्ग से थोड़ा सा भटक गईं थी तब बताइये की मलाला युसुफजई के साथ क्रूरता करने वाले लोगों की क्या गलती है ? वे अल्लाह के हुक्म की तमिल ही तो कर रहे थे ? जो औरतों को संगसार करते हैं बीच चौराहे पर उन्हें पीटते हैं गोलियों से उड़ा देते हैं वे आपके हिसाब से अच्छा ही तो करते हैं क्योंकि यही तो आपके उस सड़ेले अल्लाह को पसंद है यकीन नही होता तो जाकर कुरान और हदीसों को चाट लेना फिर मुझे बताना की एक औरत के बारे में आपके अल्लाह और उसके नबी की क्या राय है ?

एक औरत के लिए दुनिया मे वो सबकुछ हराम है जिससे उसे थोड़ी सी भी खुशी मिलती है तुमने आजादी को छोड़कर जिस दलदल को चुना है वहां सिर्फ और सिर्फ अंधेरा है चारों ओर..एक ऐसी अंधेरी दुनिया है वह जिसमे न तो दरवाजें न खिड़कियां वहां कला नही बस कालापन है इसी कालेपन को ताउम्र अपने वजूद पर लादे हुए तुम्हे खत्म हो जाना है यही तुम्हारी नियति है यही तुम जैसों की निकृष्ट सोच की परिणति भी है कला की यह दुनिया नरगिस जहाँआरा शमशाद बेगम जैसी मर्दानियों की है जो आज नही है फिर भी जिंदा हैं लेकिन तुम आज जी कर भी मुर्दा हो चुकी है.


7 comments:

  1. आप की बातें बिलकुल दुरुस्त हे

    ReplyDelete
  2. Great sir...
    Mai aaina hun dikhaaunga daag chehre ke.
    Jise kharab lage saamne se hat jaay..

    ReplyDelete
  3. Very nice Sir 🎯🎯🎯👌👌👌👊👊👊

    ReplyDelete
  4. sir aapka jawab nahi
    Aap lajawab likjate hai
    Jai manav jai vigyan

    ReplyDelete
  5. 🙏🙏 STUPID GIRL 🤔🤔🤔🤔 LOVE YOU, SIR 💕💕

    ReplyDelete

Pages