आशाराम की परंपरा को आगे बढ़ाने वाले दो और बाबा हिरासत में... - तर्कशील भारत

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Tuesday, November 6, 2018

आशाराम की परंपरा को आगे बढ़ाने वाले दो और बाबा हिरासत में...

झूठ शोषण और पाखण्डों की जमीन पर अन्धविश्वाश और आस्था के खाद पानी से जो फसल तैयार होती है उसे अफीम नही धर्म कहते हैं.

धर्म की इसी महान पुरातन फसल को आज के वैज्ञानिक युग मे समाज का अभिन्न अंग बनाये रखने के लिए अब तक कि सभी सरकारों ने बहुत जतन किया है  जिसके परिणामस्वरूप देश भर में ऐसे लाखों बाबाओ की जमात तैयार हुई है जो धर्म और अध्यात्म के व्यापार में लगे हैं.

इनका सालाना टर्नओवर देश के सालाना बजट से कई गुना ज्यादा है ये भक्तों पर कृपा बरसाते हैं और भक्त इन पर कृपा करते हैं दोनों के परस्पर सहयोग और (अंध) विश्वाश पर ही धर्म का ये विशाल साम्राज्य कायम है.

ऐसे बाबाओ मुल्लाओं की दिन दोगुनी रात चौगुनी होती जमात में आशाराम सरीखे बलात्कारी रेपिस्ट बाबाओं की भी कोई कमी नही है ज्यादातर ऐसे ही हैं जो अपने भक्तों पर कृपा तो बरसाते ही हैं साथ ही महिला भक्तों की विशेष कृपा भी प्राप्त करते हैं इनमे से जो पकड़े जाते हैं वो उजागर हो जाते हैं जो नही पकड़े जाते उनकी दुकानें बेरोकटोक चलती रहती हैं.

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