ईश्वर की नाजायज़ सन्तानें - तर्कशील भारत

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Saturday, November 10, 2018

ईश्वर की नाजायज़ सन्तानें


रजाई में घुसकर
खूबसूरत सर्दी का
आनंद उठाने वाले
ईश्वर की संताने हैं 
शुक्रिया करो
नाम जपो
उस परमात्मा का
जिसने तुम्हें पैदा किया
जायज तरीके से...

और लानत भेजो
उन पर
जिनके लिए
यह खूबसूरत सर्दी
भयंकर ठण्ड में
बदल जाती है.

जो तुम्हारे
सड़े कम्बलों को
भीख में लेकर
सौभाग्यशाली हो जाते हैं.

जिनके बच्चे
पिज्जा बर्गर नहीं खाते
बल्कि
उन्हें सूखी रोटी के लिए भी
'जुगाड़' करना पड़ता है.

कभी कभी
पार्टी हो जाती है उनकी
जब कचरे में
कुछ 'बड़ा' हाथ लगता है.

और कभी कभी तो
रात के दो बजे तक
लाल बत्ती पर
गाड़ियों के शीशे
ख़ट-खटाने पड़ते हैं 
अपने छोटे भाई बहनों की
भूख मिटाने के लिए.

ये जिंदगी है या गन्दगी
पता नहीं
क्योंकि
शायद
ये तुम्हारे ईश्वर की
नाजायज संताने हैं.

या ईश्वर ही 
इनके लिए 
नाजायज है ?

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