अब धर्म की दुनिया में हमें आग लगानी है - तर्कशील भारत

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Thursday, October 4, 2018

अब धर्म की दुनिया में हमें आग लगानी है

एक तेरी कहानी है 
एक मेरी कहानी है 
दोनों को संग मिलकर 
दुनिया को सुनानी है 

अब देर न कर साथी 
कर ले जो भी करना है 
दो पल का जीवन है 
एक पल की जवानी है 

एक दर्द सा है दिल में 
एक घाव है सीने में 
यह किसने जख्म दिया 
यह किसकी निशानी है 

बेकार सी लकड़ी का 
जल जाना ही बेहतर है 
अब धर्म की दुनिया में 
हमें आग लगानी है 

दरिया तो बहती है 
आंसू को ना बहने दो 
जो दूर तलक जाए 
वह बहता हुआ पानी है 

कहने को जवां है हम 
पर बात नहीं बनती 
अंदाज नया लेकिन 
बस सोच पुरानी है 

इस दौरे जवानी में 
एक जोश नया भर लो 
कर लो जो भी करना है 
बस यही जिंदगानी है 

जब हाथ में सूरज हो 
अंधेरों से डरना क्या 
फिर दिन भी है रोशन 
और रात सुहानी है 

खुशियां बटोरो तुम 
जीवन में रंग भर लो 
जी भर के जी लो तुम 
अरे मौत तो आनी है 

आकाश से लो सपने 
सूरज से चमक ले लो 
अब वक्त बदल दो तुम 
यही नौजवानी है.


-शकील प्रेम🙏🙏🙏

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