स्वार्थी होने में क्या बुराई है ? - तर्कशील भारत

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Wednesday, October 24, 2018

स्वार्थी होने में क्या बुराई है ?


स्वार्थी होने में क्या बुराई है ?

स्वार्थी होना मनुष्य का नैसर्गिक गुण (या अवगुण) है व्यक्तिगत स्वार्थों पर ही दुनिया की तमाम अर्थव्यवस्थाएं काम करती हैं और दुनिया के बड़े बड़े आविष्कार भी व्यक्तिगत स्वार्थों के कारण ही हुए हैं और ये भी सच है कि व्यक्तिगत स्वार्थों से ही दुनिया की तमाम विसंगतियां भी आस्तित्व में आईं इसलिए स्वार्थी होना इंसान की प्रकृति और प्रवित्ति का अभिन्न हिस्सा हो सकता है लेकिन जब हम मानवता की बात करते हैं तो वहाँ व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए कोई स्थान नही होता.

बुद्ध ने मानवता के लिए अपना सबकुछ त्याग दिया उसमे उनका निजी स्वार्थ क्या था बताइये ?

भगत सिंह फांसी पर चढ़े इसमे उनका निजी स्वार्थ क्या था ?

दुनिया को बदलने वाले युगपुरुषों ने परिवर्तन और बदलाव के लिए बहुत कुछ खोया उसमे उनका व्यक्तिगत स्वार्थ क्या था ?

समाज हित में आपका कोई व्यक्तिगत स्वार्थ कभी हो ही नही सकता बल्कि इस मार्ग में आप जितना ज्यादा त्याग करते हैं बर्बाद करते हैं उसी मात्रा में उसी अनुपात में आप समाज को बदल पाते हैं.

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