धर्म ग्रंथों को तर्क से पढिये - तर्कशील भारत

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Sunday, September 2, 2018

धर्म ग्रंथों को तर्क से पढिये


ईश्वर अथवा धर्म को नकारने के लिए भी उसे जानना जरूरी है.

मेरे एक मित्र है जब उनसे मैंने उनके नास्तिक होने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि "मैं गीता पढ़ने के बाद नास्तिक हो गया" मैंने कहा वो कैसे ?
तो उन्होंने कहा "जब तक मैंने गीता नही पढ़ी थी मुझे लगता था इसमें बहुत बड़ा ज्ञान छुपा है और इसी अन्धविश्वाश के कारण मैं उसे पवित्र ग्रंथ मानता था लेकिन एक नास्तिक मित्र की सलाह पर मैंने गीता का अध्ययन शुरू किया पूरी किताब को कई बार चाटने के बाद मुझे समझ आया कि असल मे ये एक धार्मिक प्रोपगेंडे का हिस्सा है जो कथित ईश्वर के नाम पर मनोवैज्ञानिक तरीके से इंसान को भ्रमजाल का शिकार बनाने के लिए ईजाद की गई है और तभी से नास्तिक हूँ.

उन्ही की सलाह पर मैंने भी कुरान पढ़ी और नास्तिक हो गया और मेरी सलाह है कि आप भी इन सभी साहित्यिक कबाड़ों को एक बार जरूर पढिये.

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