नास्तिकता का अर्थ ईश्वर का विरोध नही है - तर्कशील भारत

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Tuesday, August 28, 2018

नास्तिकता का अर्थ ईश्वर का विरोध नही है


नास्तिकता ईश्वर का विरोध नही है बल्कि आस्तिकता का विरोध है आस्तिकता के बिना नास्तिकता का कोई वजूद ही नही है ठीक वैसे ही जैसे बीमारी के बिना इलाज.

आस्तिकता और नास्तिकता के बीच संघर्ष किसी काल्पनिक ईश्वर को मानने अथवा नही मानने का है ही नही.

मान लीजिये किसी आदमी को बन्दर की तरह उछल कूद करने की बीमारी है लेकिन जब उसकी ये उछलकूद किसी दूसरे के लिए सिरदर्द बन जाती तब वो उसे समझाता है की भाई ये गलत है तुम्हारी उछल कूद से मुझे दिक्कत है और वो बंदरनुमा आदमी कहता है की "भाई तुम नास्तिक हो तुम्हें मेरी उछलकूद पसंद नहीं तुम बंदर को नहीं मानते"

 बस यही आस्तिक और नास्तिक का अंतर है.

धर्म के नाम पर हो रही उछल कूद से सिर्फ नास्तिकों को ही दिक्कत नही है बल्कि इससे सबसे ज्यादा प्रभावित तो आस्तिक ही हैं नास्तिक तो पहले से ही इस खेल से बाहर है उसे आस्तिकों से भी कोई दिक्कत नही है उसे दिक्कत है कूदने की इस मनोवृत्ति से जिसके कारण आधी दुनिया बर्बाद है॰ 

धार्मिक उछलकूद मे पृथ्वी के संसाधनों को बर्बाद करने वाले लोग आस्तिक हैं और जिनहे दुनिया की ये बर्बादी देखी नही जाती वो नास्तिक हैं॰ 

बस यही आस्तिक और नास्तिक का अंतर है.

-शकील प्रेम

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