"मेरी आजादी तेरी आजादी" - तर्कशील भारत

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Wednesday, August 15, 2018

"मेरी आजादी तेरी आजादी"


14 अगस्त 1947 को आपके मुल्क का जन्म हुआ था और 15 अगस्त को हमारे देश की सत्ता के हस्तांतरण का खेल खेला गया था जिसे भूल से हम अपनी आजादी का दिन कह कर मनाते हैं वैसे ही जैसे आप 14 अगस्त को अपनी आजादी का दिन कह कर इतराते हो !

इतना समझ लो
आजाद न तुम हुए न हम
हम गुलाम हैं उनके
जो हजारों साल
पहले के लुटेरे हैं !

तुम गुलाम हो
1400 साल पुरानी
जड़ता के
जिसे तुम इस्लाम कहते हो !

हम गुलाम हैं ब्राह्मण के
तुम गुलाम हो मुल्लों के !

हमे ब्राह्मण
उल्लू बनाता है
तुम्हे उल्लू
मुल्ला बनाता है !

हम पढ़ लिखके भी
उल्लू बनते हैं
तुम पढ़ लिखके
भी मुल्ला बनते हो !

न हम बदले
न तुम बदले
न हम सुधरे
न तुम सुधरे !

कभी तुम शैफ़ुद्दीन किचलू
बन कर लडे थे अंग्रेजों से
कभी हम भी भगत बनकर
लड़े थे अंग्रेजो से !

आओ एक बार फिर से
आजादी की लड़ाई
साथ मिलकर लड़े
तुम फिर से अशफ़ाक़ुल्लाह बनो
हम फिर से खुदीराम बने !

बदल दें साथ मिलकर
गुलामी के मुकद्दर को
भगा दें चन्द्रगुप्त बनकर
गुलामी के सिकंदर को !

तुम तोड़ दो अपने
मजहब की दीवारें
हम छोड़ दें अपनी
नफरत के भरम सारे
न रहेंगी फिर कोई
दहशत की दीवारें
साझा सूरज होगा
साझा चाँद और तारे !

आओ एक हो जाये
वतन के नेक हो जाएँ !!


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