हर पुरुष में एक बालात्कारी छुपा होता है !! - तर्कशील भारत

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Friday, April 13, 2018

हर पुरुष में एक बालात्कारी छुपा होता है !!

नारी अस्मिता को 
रौंदने की परंपरा को 
जारी रखने के लिए
आधुनिक युग मे भी
बालात्कार जरूरी हैं 

यही तो वो सबसे बड़ा हथियार है
एक स्त्री के विरुद्ध
जिसके द्वारा नारी को
हर युग मे 
"ठीक" किया गया है

धर्म और धार्मिक ग्रंथों में
नारी को 
"ठीक ठाक" रखने के लिए 
बहुत जतन किया गया है
कुरान की नारी खेत समान है
उसका चाल चलन 
"ठीक" रखने के लिए
उसे मारने में कोई हर्ज नही
तीन तलाक 
हलाला 
से भी न ठीक हो
तो सरेआम 
संगसार कर देने का
जुगाड़ तो है ही न !!

रामायण की नारी को
"ठीक" रखने के लिए
अग्नि परीक्षाओं से गुजरना पड़ा था
घर से निकलना पड़ा था 
और तो और
सतयुग में
नारी को "ठीक" करने के लिए
उसके नाक कान काट दिए गए थे 

महाभारत की नारी को 
"ठीक" करने के लिए उसे
पांच भाइयों के साथ
सोना पड़ा था
भरी सभा मे
रोना पड़ा था
पति की मृत देह के साथ
आग में जलना पड़ा था

यह है नारी को 
सदा "ठीक" रखने का 
धार्मिक प्रबंध 
जिसे हर युग मे 
आजमाया गया 
नारी मुक्ति के नए युग के साथ 
नारी को "ठीक" रखने के
सबसे आधुनिक उपायों में 
सबसे प्रचिलित उपाय 
बालात्कार ही तो है.

पुरुषत्व तभी जीतता है 
जब किसी औरत का 
बालात्कार होता है 
नारी अस्मिता को 
हर युग मे रौंदते हुए ही
पुरुषत्व का विकास हुआ है
इसलिए 
नारी को "ठीक" रखने के लिए 
उसे "ठोकते" रहना जरूरी है 

हर पुरुष में 
एक बालात्कारी छुपा होता है
अगर ये झूठ है 
आप कहते हैं 
आप स्त्री की इज्जत करते हैं
तो आपके पुरुषवादी समाज मे
बार बार बालात्कार क्यों होते है ?
ऐसा समाज 
किसी स्त्री ने तो नही बनाया ?

धर्म संस्कृति सत्ता और पूंजी
सब पर आपका 
यानी पुरुष का वर्चस्व रहा है 
और आज भी वैसा ही है
तो आप बालात्कार की संस्कृति के 
पोषक नही है 
ये कैसे साबित करेंगे आप ??

इसलिए आपको मानना पड़ेगा 
की हर पुरुष में एक बालात्कारी
छुपा होता है 

और कही भी बालात्कार होता है 
तो उस बालात्कार के लिए 
उस समाज का प्रत्येक पुरुष 
जिम्मेवार होता है

अगर आपको लगता है 
कि ये सच नही 
तो बदल डालिये 
उस घिनौनी मानसिकता को 
उखाड़ कर फेंक दीजिये 
उस व्यवस्था को 
जिसमे नारी देह का
व्यापार और बालात्कार होता है 
वर्ना मान लीजिए
की हर पुरुष में 
एक बालात्कारी
छुपा होता है.

 -शकील प्रेम

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