ऐसे डॉक्टर समाज को अंधकार में धकेल रहे हैं ! - तर्कशील भारत

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Thursday, April 26, 2018

ऐसे डॉक्टर समाज को अंधकार में धकेल रहे हैं !

हमारे देश मे डॉ या चिकित्सक को बहुत ही सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है कहा भी जाता है कि डॉक्टर भगवान का दूसरा रूप होता है हो भी क्यों न डॉ ही वो इंसान होता है जो शारीरिक या मानसिक बीमारियों का इलाज कर समाज को स्वास्थ्य और चिकित्सा देता है !

इसी वजह से समाज एक डॉक्टर को बहुत सम्मान देता है इसीलिए हर मां बाप का सपना होता उसकी संतान पढ़ लिख कर डॉक्टर बने !

लेकिन सभी डॉक्टर विद्वान होते हैं ये भी एक धारणा ही है डॉक्टर की उपाधि धारण करने वाले सभी लोग विद्वान ही हों ये केवल एक भ्रम है !

विद्वान होने का अर्थ है वो व्यक्ति जिसने अध्ययन शोध तर्क और परीक्षण द्वारा ज्ञान के क्षेत्र में उच्चतम स्थान हासिल किया हो और अपने विशेष ज्ञान से समाज का मार्गदर्शन कर समाज को सही दिशा देने में अपनी उपयोगिता साबित कर रहा हो लेकिन विद्वजनों की इस परिभाषा को सारे डॉक्टर सार्थक कर रहे हो ऐसा बिल्कुल नही है !

अपने ज्ञान से दिन रात समाज की सेवा में जुटे रहने वाले डोक्टर विद्वान् होने के साथ साथ महान भी होते हैं लेकिन इन्ही महान लोगों के बिच कुछ ऐसे लोग भी घुसे हुए होते हैं जो विद्वान तो बिलकुल नहीं होते बल्कि अपनी जहिलाना मानसिकता से वे साबित करते हैं की उनमे औसत दर्जे का ज्ञान भी नहीं है ऐसे लोग डोक्टर के पवित्र पेशे को बदनाम करने के साथ साथ समाज को भी गुमराह करते हैं 

मैं आपको देश के कुछ ऐसे ही डॉक्टरों का उदाहरण दूंगा जिन्हें देखकर आप भी कहेंगे कि सारे डॉक्टर विद्वान नही होते !

सबसे पहले हम जिस डॉक्टर की बात करेंगे वो है डॉक्टर जाकिर नाइक !

ये शायद दुनिया का पहला डॉक्टर होगा जिससे प्रेरणा लेकर युवा डॉक्टर नही बल्कि आतंकवादी बन रहे थे !

इसको विज्ञान की कितनी समझ है जरा देखिए

खुदा ने धरती और आकाश को कहा की आके जुड़ जाओ अपनी मर्जी से या मेरी मर्जी से तो धरती और आकाश ने कहा की हम जुड़ते हैं और आपस में जुड़ गये ये है बिग बैंग थ्योरी का इस्लामिक बालात्कार जो कोई अनपढ़ जाहिल आदमी नहीं बल्कि एक डोक्टर कर रहा है विज्ञान के सिद्धांतों का रेप वो भी वैज्ञानिक उपकरणों के जरिये !! अरे जाहिल इंसान धर्म की बकवासों के लिए विज्ञान का सहारा क्यूँ ? ये माइक जिससे तुम ये बकवास कर रहे हो न इसे किसी मौलवी ने कुरान से पढ़कर नहीं बनाया जो कपडे तुम पहने हो वो भी विज्ञान की ही देन है जिस कुरान की तुम बात कर रहे हो न वो भी वैज्ञानिक तकनीक से छापा और बांटा जाता है विज्ञान क्या है तुम उसकी abcd भी नहीं जानते डॉक्टर की डिग्री तुमने घुस देकर हासिल की है और बात करते हो साइंस की ब्राहमण की हमारी पृथ्वी जो विराट आकाश में एक मामूली कण की औकात भी नहीं रखती उस कण से इस जाहिल डॉक्टर का खुदा कहता है की आकाश से जुड़ जा अरे भाई इसका अर्थ तो यह हुआ की धरती के आकाश से जुड़ने से पहले भी धरती और आकाश का वजूद था तभी तो आप का खुदा दोनों को जुड़ने की धमकी दे रहा है जब दोनों का पहले से ही वजूद था तब उसने क्या बनाया ? कद्दू !! 

धरती और आकाश बात भी करते हैं वह भाई क्या बात है डॉक्टर की फर्जी डिग्री तुमने कितने में खरीदी है भाई !

नीम हाकिम खतरा ए जान 

केरल के एक डॉक्टर हैं जिनका नाम है जोसेफ श्रीकांत जो इंसान बाद में है पहले ईसाई हैं ईन्होंने दावा किया था कि विज्ञान का कोई भी सिद्धांत बाइबिल के विरुद्ध नही है !

तो जनाब क्यों गेलिलियो को यातनाये सहनी पड़ी कोपरनिकस को देशनिकाला भी तो केवल इसलिए दिया गया था क्योंकि उनके वैज्ञानिक सिद्धांतों से तुम्हारे बाइबिल का वर्चस्व खतरे में पड़ गया था ज्योरदानो ब्रूनो को जिंदा जलाया गया था ताकि तुम्हारे बाइबिल की इज्जत बच सके !

समाज में ऐसे डोक्टर और पैदा होने लगे तो समाज का बेडा गर्क होना बिलकुल तय है !

आइये अब बात करते हैं उस डॉक्टर की जो डॉक्टर होने के साथ भारत के विज्ञान मंत्री भी है !

इनका कहना था कि सारा ज्ञान इनके वेदों में पहले से ही मौजूद है और स्टीफन हौकिंग ने जिस बिगबैंग थ्योरी की बात की है वो तो इनके शास्त्रों में पहले से मौजूद है ! 

साथ वे कहते हैं कि स्टीफन हौकिंग ने भी माना था कि आइंस्टाइन की थ्योरी से बेहतर फॉर्म्युला है वेदों में...





ऐसे ही एक और विद्वान है जो अभी हाल ही में त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बने हैं विज्ञान के बारे में वे कहते हैं की "महाभारत काल में संजय ध्रितराष्ट्र को कुरुक्षेत्र का आँखों देखा हाल बताता है इसका अर्थ हुआ की महाभारत काल में इन्टरनेट था setelite थे" 

हमारे जीवन से जुड़ी रोजमर्रा की चीजों से लेकर विज्ञान की बड़ी बड़ी खोजों तक सारी उन देशों ने की जहां वेद या शास्त्र नाम की कोई चीज ही नही थी !

ये तो अकर्मण्यता की हद है कि आपने कुछ भी पैदा नही किया सिवा पाखंड गरीबी और बदहाली के और जो लोग निरंतर प्रयोग और अनुसंधान में लग कर जो कुछ भी बनाये उस पर अपना दावा थोक दो की अरे ये तो हमारे पूर्वजों ने पहले ही बना दिया था !

झूठ की भी हद होती है स्टीफन हौकिंग ने अपने पूरे जीवन काल मे कभी ऐसी कोई बात कही ही नही है !

और महाभारत काल मे यदि इंटरनेट और सेटेलाइट थे तो महाभारत के युद्ध मे टैंक और ड्रोन बम भी रहे होंगे लड़ाकू विमान एटम बम और ak56 भी होंगे लेकिन महाभारत की पूरी लड़ाई की कपोलकल्पित कहानी में कही ये चीजें नजर नही आती ये कैसे हो सकता है कि उस जमाने मे सेटेलाइट इंटरनेट तो थे लेकिन पूरी लड़ाई तीर भाला गदा और तलवार से निपटाई गई हो !

फैंकने की भी हद होती है यार...

ऐसा नही है कि ये लोग जाहिल हैं असल मे ये लोग मिलकर समाज को गुमराह कर रहे होते हैं ताकि धार्मिक पोपलीला में फंसा समाज रोटी और रोजगार की चिंता छोड़ कर अपने धर्म पर इतराये और घोर गरीबी और अराजकता के माहौल को झेलते हुए अगले पिछले जन्म मूर्ति मंदिर मुल्ला मस्जिद स्वर्ग नरक जन्नत दोजख ईश्वर अल्लाह वेद पुराण और गीता कुरान के चक्कर अपनी पीडिया बर्बाद करता रहे और इनकी पीढ़ियां सदा राज करती रहें !!

कोई इनसे पूछे कि देश दो हजार वर्षों तक गुलाम क्यों रहा ?

बाहर के छोटे छोटे खानाबदोश बर्बर कबीले यहां आकर शाशक बन बैठे तब कहाँ थे तुम्हारे दिव्यास्त्र और बात बात पर श्राप देने वाले ऋषियों ने क्यों नही उन्हें भष्म कर दिया !

ये मत कहना कि वेदिशी हमलावरों ने धोखे से देश को गुलाम बनाया अरे भाई तुम्हारे पास तो गीता थी न जिसमे श्री कृष्ण कहते है कि युद्ध मे सब जायज है अब ये मत कहना कि विदेशियों ने हमसे भी गीता चुरा ली थी !!

चीन ने 2 हजार साल पहले इन बर्बर हमलावरों से निपटने के लिए 8 हजार किलोमीटर लंबी दीवार तैयार कर दी क्योंकि उसकी सीमाएं चारो ओर से खुली हुई थी लेकिन आइंस्टीन से आगे का ज्ञान दिव्यास्त्र ब्रह्मास्त्र सेटेलाइट और इंटरनेट के होते हुए तुम खैबर दर्रे पर केवल बिस किलोमीटर की दीवार नही बना पाए भारत पर हमला करने वाले शक हुन कुशन मंगोल और मुगल इसी एकमात्र रास्ते से भारत मे दाखिल हुए थे तब आपका सारा ज्ञान विज्ञान दिव्यास्त्र ब्रह्मास्त्र सेटेलाइट इंटरनेट और श्राप भस्म तेल लेने चले गये थे !

और 326 ईसापूर्व के सिकरन्दर के हमले से लेकर 1762 के अहमदशाह अब्दाली के आक्रमण तक सैंकड़ों हमले हुए और बार बार आने वाले ये आक्रमणकारी इसी एकमात्र रास्ते से भारत मे दाखिल हुए !

महाभारत ग्रंथ जो व्यास नामक एक कवि की कल्पना पर आधारित है जिसने राजा रजवाड़ों की जनश्रुतियों पर आधारित कई अलग अलग घटनाओं और कहानियों को आपस मे जोड़कर एक ग्रंथ तैयार किया जिसका नाम था जय संहिता और इस जय संहिता में केवल नौ हजार श्लोक थे !

बाद में सैंकड़ो सालों तक इस ग्रंथ में श्लोक जुड़ते रहे और आगे चलकर यही जय ग्रंथ महाभारत नामक ग्रंथ में तब्दील हो गया आज इस ग्रंथ में 99996 श्लोक हैं अब बताइए कि क्या इस ग्रंथ में लिखी हुई सारी बाते सच हो सकती हैं जबकि खुद व्यास जी इस ग्रंथ को काव्य रचना बता रहे हैं !!

इन जाहिल डॉक्टर्स और विद्वानों के बाद जरा देश के माननीय प्रधानमंत्री की वैज्ञानिक बातें भी सुन ली जाय !!

मोदी जी के अनुसार "प्लास्टिक सर्जरी का सबसा पहला उदहारण गणेश जी थे"

देश के प्रधानमंत्री जब इस तरह की अवैज्ञानिक बातों को कह रहे हैं तो आश्चर्य नही की देश के नीति निर्माता डॉक्टर वैज्ञानिक और वकील जिनके कंधों पर समाज को सही दिशा देने की जिम्मेदारी हो वे लोग अन्धविश्वशों में फंसे रहे और पाखंडपूर्ण बातों का समर्थन करें !!

मुरादाबाद की एक डॉक्टर एक तांत्रिक के चक्कर मे फंस कर दो करोड़ रुपये ठगा बैठी पचपन साल की ये महिला mbbs डॉक्टर तांत्रिक के बताए जादू टोने से फिर से जवान होना चाहती थी !

ऐसे डॉक्टर समाज के दुखों को दूर नही करते बल्कि मर्ज को बढ़ा  देते हैं कस्तूरबा गांधी अस्पताल के ऐसे ही कुछ डॉक्टर्स ने एक गर्भवती महिला के आपरेशन के दौरान उसके पेट मे पट्टी छोड़ दी थी जिसे बाद में दूसरे डॉक्टरों ने निकाला !!

लेकिन ऐसा नही है कि सारे डॉक्टर ऐसे ही होते हैं !

इथोपिया की एक महिला सेफिनेश वोल्डे जो सिर दर्द से बहुत परेशान थी उसकी एक आंख से दिखना भी बंद हो गया था वो अपने सिर दर्द के इलाज के लिए दिल्ली पहुंची डॉक्टर्स ने जांच में पाया कि उसे ब्रेन ट्यूमर है डॉ सुधीर कुमार और उनकी टीम ने एक जटिल आपरेशन द्वारा उस औरत का ट्यूमर तो निकाला ही साथ ही उसकी एक आंख की रोशनी भी लौटा दी !

इन्हें कहते हैं असली डॉक्टर 

ऐसे महान डॉक्टर्स की वजह से ही ये चिकित्सीय पेशा आज भी समाज में बहुत ऊंचा स्थान रखता है और ऐसे ही महान लोगों की वजह से इंसानियत जिंदा भी है ! 

लेकिन समाज के कुछ डॉक्टर प्रतिष्ठित लोग और तथाकथित विद्वान पाखंडपूर्ण प्रोपगेंडे को समाज मे फैला कर देश को अंधकारमय भविष्य की ओर ले जा रहे हैं हमें ऐसे फर्जी डॉक्टरों और विद्वानों से सावधान रहने की जरूरत है !

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