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Tuesday, April 17, 2018


दीपक कुमार यादव
(पूर्व भक्त)

आसिफा के बालात्कार कांड के विरोध में #justiseforasifa का हैशटैग संघियो को बर्दाश्त नही हो पा रहा इसको काउंटर करने के लिए दूसरी जगहों में हुई बलात्कार की कुछ घटनाओं को दिखा कर ये साबित करने की कोशिश की जा रही है कि मुस्लिम लड़की के बलात्कार पर हल्ला मचाने वाले इन हिन्दू लड़कियों के मुसलमानों द्वारा बलात्कार पर चुप क्यों है ?

इनके इस झूठ को उजागर करने के लिए जरूरी है उन घटनाओं की हकीकत को जानना

 नगाव असम में एक नाबालिग से उसके स्कूल के ही चार नाबालिग सहपाठियों ने गैंगरेप किया और लड़की को जला कर मार दिया इस जघन्य बलात्कार में जो चार नाबालिग आरोपी गिरफ्तार हुए उनमे से एक का नाम जाकिर खान था और बाकी तीन कौन थे ये बात संघी कभी नही बताएंगे उनके नाम हैं सुरु गोगोई वेणु कुमार और निर्धारि सेवो !!

इस जघन्य अपराध में शामिल आरोपी क्षात्रों के समर्थन में असम बन्द नही हुआ किसी विधायक ने इस्तीफा नही दिया और वकीलों ने बलात्कारियों के समर्थन में तिरंगा लेकर भारत माता की जय के नारे नही लगाये और पुलिस ने समय रहते आरोपियों को पकड़ लिया !

अब दूसरी घटना को लेते हैं जो सासाराम में हुई 12 वर्षीय एक हिन्दू लड़की के साथ एक मुस्लिम ने बालात्कार किया और वो रंगे हाथों लड़की के बाप द्वारा मौके पर पकड़ लिया गया इस घटना में आरोपी की धुनाई हुई लड़की का मेडिकल हुआ और इसके विरोध में (समर्थन में नही) लोगों ने चक्का जाम किया !

तीसरी घटना में एक वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और वीडियो में दिख रहे अधेड़ दाढ़ी वाले बुड्ढे को गिरफ्तार किया गया जो वीडियो में एक आठ दस साल की लड़की के साथ अश्लील हरकत करता दिखा यहां गौर करने वाली बात यह थी कि लड़की हिन्दू नही बल्कि मुसलमान ही थी

ये चौथी घटना देहरादून के रुद्रप्रयाग के अगस्त्यमुनि बाजार की है 5 अप्रेल 2018 को फेसबुक पर एक तस्वीर वायरल हुई जिसमें दावा किया गया था कि अगस्त्यमुनि क्षेत्र में एक 9 साल की बच्ची से मुसलमानों ने गैंगरेप करके मार डाला है इस खबर की सच्चाई जाने बिना ही लोकल मीडिया ने इसे इतना बढ़ा चढ़ा कर उछाला की लोगों ने अगस्त्यमुनि बाजार में मुसलमानों की सभी दुकाने जला दी लेकिन पुलिस जांच में ये पूरी खबर बिकलुल झूठी निकली (07अप्रेल 2018 का नवभारत टाइम्स देखें)फेसबुक की वायरल खबर में जिस लड़की की तस्वीर दिखा कर उसे रेप पीड़ित बताया गया था वो तस्वीर पंजाब में रोड एक्सीडेंट में मारी गई एक बच्ची की थी !

आसिफा के साथ जो हुआ वो इतना घिनौना और जघन्य कांड था जिसकी कोई मिसाल ही नही ये घटना और भी वीभत्स हो गया जब इस कुकृत्य को अंजाम देने वाले आरोपियों के पक्ष में समाज के ही कुछ दरिंदे खड़े हो गए और हाथ मे तिरंगा लेकर उन्होंने इस बालात्कार कांड का समर्थन किया !

ये मामला इसलिए भी जघन्यतम है क्योंकि इस मामले में मंदिर का पुजारी पुलिसकर्मी और विद्यार्थी शामिल हैं (जिनके कंधो पर समाज को सही रास्ते पर लाने की जिम्मेदारी होती है) जिन्होंने एक समुदाय विशेष को सबक सिखाने के लिए पूरे योजनाबद्ध तरीके से इस घटना को अंजाम दिया !

अगर फिर भी आपको ये घटना एक सामान्य बालात्कार की घटना लगती है तो आपका कोई इलाज नही आप भी उन बलात्कारियों से कम नही हैं !

बालात्कार चाहे किसी से भी हो ये जघन्य अपराध है ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वाला किसी भी धर्म जाती से हो उसे फांसी मिलनी चाहिए और साथ ही उन लोगों का भी सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए जो ऐसे अपराध और अपराधियों का किसी भी रूप में सपोर्ट करते हैं !

#justiceforashifa

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