इस्लाम भी एक सामाजिक बीमारी है ! - तर्कशील भारत

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Friday, April 27, 2018

इस्लाम भी एक सामाजिक बीमारी है !

सुधारवाद एवं तर्कशीलता के झूठे नकाब के पीछे छिपे कट्टरपंथियों को मैं अच्छी तरह जानता हूँ ये लोग विरोधी धर्म की आलोचना के समय ही तर्कशील और बुद्धिमत्ता का ढोंग करते हैं और जैसे ही बात इनके तथाकथित धर्म की आलोचना की होगी वहीं ये लोग अपने असली रूप में आ जाएंगे ...

मुसलमानों में इंसानियत होती है तो सीरिया पाकिस्तान और सूडान में इंसानियत का गैंग रेप क्यों ?

फिर भी मैं मानता हूं कि सभी मुसलमान गलत नही होते इसका अर्थ ये नही की कुरान और इस्लाम निर्दोष है ?

औरत अगर गलत हो तो उसे मार दो (सूरः निशा आयात नम्बर 15)क्या ये कुरान में नही लिखा ?

तर्कशीलता की आड़ में कुछ लोग विज्ञान की और वैज्ञानिक सिद्धांतों की सरेआम धज्जियां उड़ाते हैं ऐसे लोग कुरान की अवैज्ञानिक बातो को साबित करने के लिए डार्विन जैसे विद्वान की थ्योरी को भी बड़ी बेशर्मी के साथ झुठला देते हैं !

मैं खुद एक मुस्लिम परिवार में पैदा हुआ हूँ लेकिन जब मैंने देखा कि धर्म के रूप में इस्लाम भी एक प्रकार का षड्यंत्र ही है तो उसे लात मारने में बिल्कुल समय नही लगाया आज इस्लाम नामक बीमारी से मुक्त होकर लगता है कि कैंसर से मुक्ति मिल गई है !!

-शकील प्रेम

1 comment:

  1. मै भी एक हिन्दू परिवार में जन्म लिया है लेकिन मैंने पहले ही धर्म को लात मार दिया है

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