केप्लर की अनोखी दुनिया - तर्कशील भारत

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Monday, March 19, 2018

केप्लर की अनोखी दुनिया

दो दशक पहले तक वैज्ञानिक सिर्फ अनुमान ही लगाते थे की धरती जैसा कोई और ग्रह भी हो सकता है जैसे आज हम अनुमान लगाते हैं कि ब्रह्माण्ड में धरती से अलग जीवन है कि नहीं ?
प्राचीन काल से ही मानव यूनिवर्स को समझने की कोशिश करता रहा है ! उस समय मानव की अलग अलग सभ्यताओं ने चाँद और सितारों की अलग अलग व्याख्याएं की !
आधुनिक विज्ञान के यूनिवर्स पर किये गए अन्वेषण और शोधों का नतीजा है कि जो मनुष्य दो शताब्दी पहले तक पृथ्वी को चपटी मानता था वही मनुष्य चाँद तक पहुँच चूका है ! अपने सौरमंडल के बाकी ग्रहों तक उसकी जिज्ञासाओं के खोजी यान पहुँच चुके हैं !


सौरमंडल के बाहर की दुनिया को समझने के लिए मनुष्य ने धरती पर कई बड़े टेलिस्कोप स्थापित किये अपनी समझ को और परिष्कृत करने के लिए मनुष्य अंतरिक्ष में टेलिस्कोप स्थापित करने में कामयाब हुआ हब्बल टेलिस्कोप को 24 अप्रेल 1990 को अंतरिक्ष में स्थापित कर दिया गया !
सुदूर अंतरिक्ष के अनसुलझे रहस्यों पर से पर्दा उठाने के लिये अंतरिक्ष में स्थापित किये गए हब्बल टेलिस्कोप द्वारा भेजे गए आंकड़े बेहद हैरतअंगेज थे !
जो बातें अभी तक सिर्फ थ्योरियां थी हब्बल टेलिस्कोप उन रहस्यों का पोस्टमार्टम होने लगा कई पुरानी अटकलें ख़ारिज हुईं और कई नए सबूत विज्ञान का हिस्सा बन गए !
अपने खोजों द्वारा हब्बल टेलिस्कोप ने मनुष्य की जिज्ञासाओं को जितना शांत किया उससे कही ज्यादा नई जिज्ञासाओं को जन्म भी दे दिया अब मनुष्य की इन नई जिज्ञासाओं के समाधान के लिए हब्बल छोटा पड़ने लगा !

हब्बल टेलिस्कोप की भी अपनी सीमा थी इसलिये वैज्ञानिकों ने एक दूसरा टेलिस्कोप अंतरिक्ष में स्थापित किया जिसका नाम था केप्लर !
केप्लर के नाम पर स्थापित यह टेलिस्कोप विज्ञान की दुनिया बदलने वाला था !
ब्रह्माण्ड के हैरतअंगेज नये नज़ारे , सैंकड़ों नए सौरमंडल उनमें सूर्य का चक्कर काटते हजारों लाखों नये ग्रह !
उन ग्रहों में हजारों ग्रह हमारी पृथ्वी के जैसे !
केप्लर द्वारा खोजे गए पृथ्वी जैसे सैंकड़ों नए ग्रहों में से 10 ग्रहों को आप भी देख लीजिए !
इन नए ग्रहों पर वो सब कुछ है जो हमारी पृथ्वी जैसे किसी जिवंत ग्रह के लिए जरुरी होता है जैसे धरातल ऑक्सीज़न निट्रोजेन पानी और वातावरण !

10 - यह है केप्लर द्वारा खोजा गया एक ग्रह जिसे हमने दसवे नम्बर पर रखा है इसका नाम है Gliese 581d
पृथ्वी की तरह यह ग्रह भी अपने सूर्य के habitable zone में स्थित है ! यह हमसे लगभग 20 प्रकाश वर्ष की दुरी पर स्थित है इसका मतलब यह है कि यदि हम प्रकाश की गति य्यानी तीन लाख किलोमीटर प्रति सेकंड की गति से इस तारे की ओर चले तो भी इस तक पहुंचने में हमें 20 साल लग जायेंगे ! यह ग्रह 66 दिनों में अपने सूर्य की परिक्रमा पूरी करता है !

9- HD 85512b
नौंवे नम्बर पर जो ग्रह है उसका नाम है ...यह ग्रह अपने सूर्य की परिक्रमा 54 दिनों में पूरी करता है ! यह हमारी पृथ्वी से 3.6 गुना बड़ा है ! इस ग्रह की खासियत यह है कि यह अपनी धुरी पर बहुत धीमी गति से घूमता है जिसकी वजह से इसका एक भाग इसके सूर्य की ओर रहता है परिणामस्वरूप इसका आधे भाग में हमेशा दिन और आधे में हमेशा रात होती यह स्थिति 112 वर्षो में धीरे धीरे बदलती है !


8-हमारी सूचि में आठवे नम्बर पर है केप्लर 69c यह हमारी पृथ्वी से 1.7 गुना बड़ा है हमारी पृथ्वी की तरह यहाँ भी विशाल समुद्र मौजूद है इसी वजह से कुछ वैज्ञानिक इस ग्रह को पृथ्वी से अलग जीवन की सम्भावना वाला एलियन प्लेनेट कहते हैं ! इस गृह का एक वर्ष हमारी पृथ्वी के दिनों के हिसाब से 242 दिनों का है इस मामले में भी यह पृथ्वी से काफी मिलता है !

सातवें नम्बर पर है Tau Ceti E 
यह गृह भी पृथ्वी से काफी मिलता जुलता है यह हमसे 11 प्रकाशवर्ष की दुरी पर स्थित है और पृथ्वी से 1.8 गुणा बड़ा है ! इसका चट्टानी धरातल भी पृथ्वी से मिलता जुलता है !


Gliese 667 Cf
यह ग्रह केवल 39 दिनों में अपने सूर्य की परिक्रमा पूरी कर लेता है ! इसकी एक ख़ास बात यह है कि यह ग्रह अपने जिस सूर्य का चक्कर लगाता है वह सूर्य अकेला नहीं है वहां तीन तीन सूरज हैं जो एक दूसरे के गुरुत्व के जाल में फंसे हुए है !

5-केप्लर 62f
यह हमसे 1200 प्रकाश वर्ष की दुरी पर स्थित है इसका सूर्य हमारे सूर्य के मुकाबले छोटा है लेकिन यह गृह हमारी पृथ्वी से 1.4 गुणा बड़ा है इसका धरातल पृथ्वी जैसा ही है और यहाँ विशाल समुद्र भी है इसलिए यह भी एक जीवन की सम्भावना वाला ग्रह माना जा सकता है !


4-Gliese 667 Cc
यह भी बहुत कुछ पहले वाले ग्रह जैसा ही है यहाँ भी तीन सूरज हैं यह अद्भुत ग्रह हमारे ग्रह से 3.8 प्रतिशत बड़ा है लाल आभा लिए इसका धरातल मंगल जैसा दीखता है यह पृथ्वी से 85 प्रतिशत तक मेल खाता है यह अपने सूर्य की परिक्रमा 254 दिनों में पूरी करता है !


3-तीसरे नम्बर पर है केप्लर 62e
यह हमारी पृथ्वी से 1.6 गुना बड़ा है इसका धरातल पृथ्वी से मेल खाता है यहाँ भी समुद्र है यह अपने सूर्य की परिक्रमा 122 दिनों में पूरी करता है और हमसे 1190 प्रकाशवर्ष की दुरी पर स्थित है !


2-Gliese 581 g
यह पृथ्वी से 1.5 गुना बड़ा है यह हमसे 20 प्रकाशवर्ष की दुरी पर स्थित है यहाँ भी विशाल समुद्र होने की सम्भावना है !


1-केप्लर 22b
वैसे तो यह ग्रह पृथ्वी के मुकाबले 2.4 गुना बड़ा है लेकिन यह पृथ्वी से बहुत मिलता जुलता है यहाँ जीवन की सम्भावना सबसे अधिक है क्योंकि वैज्ञानिकों का मानना है कि यहाँ पृथ्वी की तरह वातावरण की सम्भावना भी सबसे प्रबल हैं और इसका धरातल भी बहुत हद तक पृथ्वी के समान ही है साथ ही पृथ्वी के समान यहाँ भी विशाल समुद्र है !

इन नए मिले ग्रहों में वो सभी तत्व हैं जिनसे जीवन उत्पन्न हो सकता है !

लेकिन अभी वो दिन दूर है जब हमें पृथ्वी से बाहर के किसी ग्रह पर जीवन के ठोस सबूत मिल जाएंगे !
विराट अनंत हैरातंगेज विस्मयकारी विचित्र अदभुत और खूबसूरत विश्व को समझने की महान क्षमता केवल मनुष्य में ही है ! यह क्षमता पृथ्वी के किसी अन्य जिव में नहीं इसलिये मनुष्य प्राणियों में सबसे श्रेष्ठ है लेकिन यही मनुष्य धर्म के पाखंडों में उलझकर प्रकृति की अवहेलना करने लगता है तब वह अपनी श्रेष्ठता खो देता है और इंसान से जानवर बन जाता है !



धार्मिक जंजाल में खुद के बनाये खुदाओं की खुदाई में खोया इंसान यदि धर्म की मानसिक गुलामी से मुक्त हो गया तब वह सच मे श्रेष्ठ हो जायेगा !

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