शोशल मीडिया के झूठ का भंडाफोड़ - तर्कशील भारत

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Friday, March 16, 2018

शोशल मीडिया के झूठ का भंडाफोड़


आज के समय मे शोशल मीडिया की ताकत को सभी जानते हैं दुनिया के किसी भी कोने में घटने वाली कोई भी घटना शोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफॉर्म पर पोस्ट होते ही मिनटों में पूरी दुनिया मे फैल जाती है करोड़ों लोग इसे अपनी बात कहने के शशक्त माध्यम के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं तो कुछ गिरोह ऐसे भी हैं जो शोशल मीडिया का इस्तेमाल अपने प्रोपगेंडे को फैलाने में कर रहे हैं !

दुनिया भर में धर्म के नाम पर सदियों से झूठ का प्रचार किया गया है और सभी धार्मिक गिरोहों के पाखंडों का ये नंगा नाच आज भी बदस्तूर जारी है हम जैसे कुछ तुच्छ नास्तिक आज के वैज्ञानिक युग की चाहे कितनी भी दुहाई दें लेकिन सच्चाई तो यह है कि आज विज्ञान भी धार्मिक गिरोहों का गुलाम बनाया जा चुका है मानवता के दुश्मन ये सभी धार्मिक गिरोह विज्ञान के सहारे समाज को मानसिक गुलाम बनाने के षड्यंत्र में लगे हुए हैं !

मौखिक प्रचारतंत्र के वृहद जाल के अलावा आज इनके पास अखबार tv शोशल मीडिया की ताकत भी है जहां से ये गिरोह अपने प्रोपगेंडे को समाज के सभी वर्गों में घुसाने में कामयाब हो जाते हैं !

धार्मिक ग्रंथों के झूठ को बढ़ावा देने के साथ साथ अपने नकली और शोषणवादी धर्म को सही साबित करने के लिए ये लोग नए नए झूठ भी गढ़ते चले जाते हैं !

ऐसे ही कुछ झूठ अभी हाल ही में तेजी से फैलाये गये हैं !

आज का हमारा यह लेख शोशल मीडिया द्वारा फैलाई गई ऐसी ही कुछ झूठी और अवैज्ञानिक बातों के पीछे के असली सच को उजागर करता है !


सबसे पहले बात करते हैं उस खबर की जो अफगानिस्तान की बताई जाती है इस खबर के अनुसार अफगानिस्तान में 5000 साल पुराना हवाई जहाज ढूंढने के दावा किया गया है !

दावा किया कि 8 अमेरिकी मरीन कमांडो इस प्राचीन विमान के पास पहुंचते ही गायब हो गए साथ ही इस खबर में कहा गया कि ये विमान महाभारत काल का है और ये प्राचीन विमान एक अदभुत ऊर्जा कवच से घिरा हुआ था ये ऊर्जा कवच उसे इतने सालों से बचाए हुए था कहा ये भी गया कि इसकी खोज में गये आठों अमेरिकी फौजियों ने उस विमान को हटाने की कोशिश की और अचानक ही वो टाइम वेल में खिंच कर गायब हो गए !
ये खबर शोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई कुछ ही दिनों में ये शोशल मीडिया से निकल कर tv के छोटे पर्दे द्वारा घर घर तक पहुंच गई कई चैनलों ने इस खबर की सच्चाई जाने बिना ही इसे और बढ़ा चढ़ा कर प्राइम टाइम में पेश किया गया और लोगों को ये यकीन दिला दिया गया कि सचमुच आज से पांच हजार साल पहले इतनी उन्नत टेक्नोलॉजी थी कि उस समय जहाज भी बनाये गए थे !

जब हमने इस खबर की तहकीकात शुरू की तो इस पूरी कहानी के पीछे का सच कुछ और ही निकला !

सबसे पहले बात करते हैं उस वीडियो की जिसमे दिखाया गया था कि कुछ अमेरिकी सैनिक एक गुफा की ओर बढ़ रहे है और कुछ अंदर जाने के बाद उनका कैमरा बन्द हो जाता है इस वीडियो को सबसे पहले एक ब्रिटिश वेबसाइट ने पोस्ट किया और दवा किया कि गुफा में मिले विमान के टाइम वेल में फंसकर उस गुफा में गये आठ अमेरिकी सैनिक गायब हो चुके है  इसी के साथ उस काल्पनिक गुफा के विमान की कहानी को बढ़ा चढ़ा कर पेश किया जाने लगा !

असल मे इस वीडियो का कुछ हिस्सा अमेरिकी सेना द्वारा तालिबानियों के छुपे ठिकानों की तलाश के दौरान का है तालिबानी अफ़ग़ान की पहाड़ियों की गुफाओं में छुपे हुए थे !
16 अप्रैल 2006 को कैप्टन शोजरे फेड्रिक के नेतृत्व में 24 सैनिकों की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर काबुल से 117 किलोमीटर दूर अर्शिया घाटी की पहाड़ियों में एक गुफा पर धावा बोला इस आपरेशन में कोई भी आतंकवादी नही मिला लेकिन एक चीज मिली थी जिसे शुरुआत में एटमबम समझा गया और इसीलिए इस आपरेशन को गुप्त रखा लेकिन कुछ ही समय मे इस रहस्य पर से पर्दा उठ गया था अमेरिकी सैनिकों ने जिस चीज को ढूंढा था असल मे वो एक मिसाइल थी जिसे तालिबानियों ने पाकिस्तानी सेना से हासिल किया था इसी वजह से इस खबर को छुपाया गया था !

इस तरह के प्रोपगेंडे के पीछे का असली मकसद लोगों के इतिहास बोध के साथ तार्किक दृश्टिकोण को खंडित करना होता है ताकि धार्मिक गिरोहों के धार्मिक प्रपंचो के साथ साथ इनके पौराणिक ग्रंथ प्रासंगिक हो सकें !

जिस महाभारत को सच साबित करने के लिए इतने बड़े बड़े झूठ गढ़े जाते हैं उसी महाभारत में इतनी गप्पे भरी पड़ी हैं कि पढ़कर हंसी आती है !

चलिए अब बात करते हैं एक और झूठ की जिसे इस्लामिक गिरोहो ने पैदा किया हुआ है ताकि इनके नकली धर्मग्रंथ और उस पर आधारित नकली धर्म का महिमामंडन हो सके !

इस झूठ का ‘शिकार’ बनी हैं नासा ऐस्ट्रनॉट सुनीता विलियम्स। 

फेसबुक पर एक पेज बनाया गया जिसका नाम था miracle ऑफ quran इसी पेज पर सबसे पहले अखबार की कटिंग जैसी दिखने वाली एक तस्वीर पोस्ट की जो फोटो शॉप के द्वारा तैयार की गई थी और इसे शेयर किया था मोहम्मद रफ़ीक़ भाटी ने। इस तस्वीर के मुताबिक गया है कि सुनीता विलियम्स इस्लाम धर्म ‘क़ुबूल’ कर चुकी हैं। इसकी वजह सुनीता के साथ हुए एक ‘चमत्कार’ को बताया गया है। दावा है सुनीता ने एक अंधेरी रात में अंतरिक्ष से पृथ्वी की ओर देखा। पूरी पृथ्वी पर ‘अंधेरा’ था। बस ‘दो जगहों’ से रौशनी आ रही थी जिसे देखकर सुनीता और उनके साथी हक्के-बक्के रह गए। दूरबीन से देखने पर पता चला कि जहाँ से रौशनी आ रही थी वह जगह मक्का और मदीना’ थी बस फिर क्या था, सुनीता जब धरती पर लौटीं तो ‘आते ही’ उन्होंने इस्लाम क़ुबूल कर लिया। इस खबर में आगे जो बात थी वो और भी हैरान करने वाली थी सुनीता ने बताया कि उन्हें अंतरिक्ष में मक्का से दी जाने वाली ‘अल्लाह हू अकबर’ की अज़ान की आवाज़ भी सुनाई देती थी।

अब आइये इस खबर की पड़ताल करते हैं सबसे पहले ये झूठी खबर 2015 में फेसबुक पर पोस्ट हुई उसके बाद लोगों ने इसे जांचे बिना ही शेयर करना शुरू कर दिया और कुछ ही समय मे ये झूठी खबर हर मुसलमान के दिमाग मे बिठा दी गई किसी ने भी इस झूठ की पड़ताल करने की कोशिश नही की इसका कारण है इस्लाम पर अन्धविश्वाश और विज्ञान की समझ का अभाव !

अगर विज्ञान की थोड़ी भी समझ होती तो वे सवाल उठाते की जब अंतरिक्ष मे हवा है ही नही तो वहां तक अजान की आवाज पहुंच कैसे गई 

चलो मान लिया कि अल्लाह के करिश्मे से अजान की आवाज अंतरिक्ष तक पहुंच गई तो उसे कोई अंतरिक्ष यात्री सुन कैसे सकता है क्योंकि एक अंतरिक्ष यात्री का सूट उसके पूरे शरीर को ढँका हुआ होता है और उसे बाहर की कोई भी आवाज सुनने के लिए सूट के अंदर कान में लगे माइक्रोफोन की जरूरत पड़ती है !

ये पूरी खबर बिल्कुल झूठी साबित हुई सुनीता विलियम की मैनेजर कार्ला salfia ने इस हॉक्स न्यूज़ को हॉरर न्यूज़ बताया

रात के समय अंतरिक्ष से धरती की ओर देखने पर बड़े बड़े महाद्वीप ही दिखाई देते है उनके बीच मक्का और मदीना को देख पाना बिल्कुल ही संभव नही ये तभी हो सकता है जब आप अंतरिक्ष मे 100 किलोमीटर से नीचे की ऊंचाई पर हो लेकिन अंतरिक्ष मे स्पेश स्टेशन धरती से 500 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थापित है इतनी ऊंचाई से उन्हें अरब ही दिखाई नही दिया होगा तो अरब की दो छोटी जगहें कैसे दिखाई दे गई ?

और अजान की आवाज में इतनी ही ताक़त होती तो अजान देने वाले को लाउडस्पीकर की जरूरत क्यों पड़ती ?
तब तो किसी भी मस्जिद में लाउडस्पीकर होने ही नही चाहिए !!

चलिए अब बात करते हैं एक और झूठ की जो शोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ ये झूठी खबर श्रीलंका से बताई गई थी इस झूठ द्वारा दावा किया गया था कि श्रीलंका में मिली हनुमान की विशाल गदा जिसे बड़े से क्रेन द्वारा उठाया हुआ दिखाया गया था !
इस खबर के अनुसार खुदाई के दौरान यह सोने की गदा इंटरनैशनल रामायण रिसर्च सैंटर को श्रीलंका से मिली है, गदा कई सौ किलोग्राम वजन की है जिसे उठाने के लिए 2 क्रेनों की सहायता लेनी पड़ी !

बेशक ये गदा और तस्वीर बिल्कुल असली है. लेकिन ये गदा श्रीलंका में किसी खुदाई में नहीं मिली है बल्कि मध्य प्रदेश के इंदौर में पितृ पर्वत पर हनुमान जी की प्रतिमा प्रतिष्ठापित की जाने वाली थी जो 90 टन वजनी और 125 फीट ऊंची थी !

2013 की हनुमान जयंती पर जब इस गदा को प्रतिमा पर रखना था तब इस गदा को उठाने के लिए दो क्रेनों का इस्तेमाल किया गया. यह वही तस्वीर है. 

ऐसा नही है कि ये सब केवल भारत मे ही होता है शोशल मीडिया पर झूठ अफवाह फैलाने में विदेशी भी हम से कम नही हैं अब हम जिस झूठी खबर की बात करेंगे वो सिडनी से है एक साल पहले ये वीडियो खूब वायरल हुआ जिसमें कहा गया कि 
चर्च में दिखा ऐसा चमत्कार कि हक्के-बक्के रह गए लोग! 
इस नकली वीडियो में ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में सेंट चार्बेल चर्च में प्रेयर के दौरान लोगों ने वर्जिन मेरी की तस्वीर को होंठ हिलाते देखा जैसे कि वो तस्वीर कुछ कह रही हो 

वीडियो के अनुसार इस चर्च की प्रेयर में हर रोज की तरह शामिल होने वाले दो युवा कैथोलिक लोगों ने वर्जिन मैरी की पैंटिंग को होंठ हिलाते हुए देखा और उन्होंने यह सब कैमरे में भी रिकार्ड किया।  

क्रिस्टन कैरॉज नाम की एक कैथोलिक लड़की ने बताया कि वह प्रेयर में मौजूद थी। तभी दोस्तों ने उसे पेंटिंग की तरफ देखने को कहा। देखते ही उसके होश उड़ गए। पेंटिंग में वर्जिन मैरी प्रेयर कर रही थीं। उसने मिरेकल समझ कर वीडियो रिकॉर्ड कर फेसबुक पर अपलोड कर दिया।

देखते ही देखते यह वीडियो दुनिया भर में वायरल हो गया !
ऐसा ही एक गजब का वीडियो कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर वायरल खूब वायरल हुआ मैक्सिको के एक चर्च के इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि अचानक शांत भाव की मुद्रा वाली जीसस की प्रतिमा ने कुछ क्षणों के लिए अपनी आंखें खोल लीं।

ये दोनों वीडियोज जांच में नकली पाए गए इन्हें ट्रिक फोटोग्राफी के द्वारा बनाया गया था !

पहले वीडियो में मदर मेरी कुछ कहना चाहती थी तो उन्हें डर किसका था जो केवल होंठ हिलाकर ही रह गईं ! 

आप पैगम्बर की माँ हैं आपको बोलने से किसने रोका है ?

और दूसरी वीडियो में जीसस ने पलके झपकाई हैं तो इसमें कमाल जीसस का नही बल्कि उन लोगों का है जिन्होंने इस फेक वीडियो को तैयार किया है !

थोड़ा दिमाग लगाएं तो इन दोनों वीडियोज में जीसस और मेरी का अपमान ही हो रहा हैं लेकिन भक्तों को भला कौन समझाए ?
ऐसा नही हैं है कि शोशल मीडिया पर झूठ फैलाने का काम कुछ जाहिल किस्म के लोग ही करते हैं बल्कि इस काम मे सभ्य समझे जाने वाले कुछ बड़े ओहदेदार प्रोफेसर डॉक्टर वकील तक शामिल होते हैं जो धार्मिक गिरोहों के लिए स्लीपर सेल का काम करते हैं !

सदियों से समाज को जोंक की तरह चूसने वाले सभी धार्मिक गिरोहों के लिए विज्ञान बहुत बड़ी चुनौती रही है इसलिए ये लोग समाज में वैज्ञानिक सोच को पनपने से रोकने का भरपूर प्रयास करते हैं इसके लिए ये लोग हमेशा झूठ का जंजाल रचते रहते है जैसे जैसे विज्ञान की ताकत बढ़ रही है वैसे वैसे धार्मिक गिरोह भी तेजी से सक्रिय हो रहे हैं !
हमे हर हाल में इनके इस पाखंड को समझना होगा सामाजिक परिवर्तन के लिए शोशल मीडिया एक शशक्त ताक़त साबित हो सकती है अगर झूठ के इस धार्मिक बाजार पर रोक लग जाये !

इसलिए हमें इनके एक एक झूठ को लोगों के सामने लाना होगा !!

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