भूतों की रासलीला - तर्कशील भारत

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Saturday, November 4, 2017

भूतों की रासलीला

बिहार के कैमूर जिले का हरसुब्रह्म कस्बा एक ऐसी जगह है जहां भूत प्रेत का मेला लगता है यहां दूर दूर से लोग भूत प्रेत से बाधित लोगो को लेकर पहुंचते है ! इस जगह के बारे में कहा जाता है कि यहां आते ही बुरी आत्माओं से बाधित लोग अपने आप ही झूमने लगते है !

झारखंड के पलामू जिले के हैदरनगर में भी कुछ ऐसा ही नजारा होता है यहां भी दूर दूर से लोग आते है बिहार और झारखंड के इन चमत्कारिक स्थानों की तरह ही पूरे देश के प्रत्येक कोने में ऐसा कोई न कोई दिव्य स्थान मौजूद है जहां भूत प्रेत जादू टोना टोटका चुड़ैल डायन वैगरह का पूरा बाजार लगता है !

इसके अलावा भूत प्रेत से परेशान लोगों के लिए पूरे देश मे लाखों छोटे बड़े बाबा भी मौजूद हैं जो अपनी तथाकथित शक्ति से इन भूत प्रेतों को भगाने का काम करते हैं !

क्या है भूत प्रेतों के नाम पर हो रहे इस गोरखधंधे की पूरी असलियत !

मैंने अपने पिछले वीडियो में बताया था कि किस तरह देश मे मनोकामनाओं का व्यापार खड़ा किया गया है मनोकामना के नाम पर हो रहे ठगी के व्यापार की तरह ही भूत प्रेतों के नाम पर भी पूरे देश मे भोले भाले और दूसरे कारणों से परेशान लोगों को मूढ़ बनाने का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है लेकिन सरकारों को इसकी कोई चिंता नही बल्कि हमारी सरकारें इन पाखंडों को बढ़ावा देने का ही काम करती दिखाई देती हैं !

भूत प्रेतों के इस पूरे कारोबार को समझने के लिए कुछ सवालों को जानना जरूरी है !

भूत प्रेतों की बीमारी ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को ही क्यों होती है ?

भूत प्रेतों के इस पूरे मायाजाल में सबसे ज्यादा औरतें ही क्यों फंसती है ?

इतने भूत प्रेत आते कहाँ से है ?

असल मे भूत प्रेत डायन चुड़ैल जादू टोना टोटका जैसी बातें पूरी तरह से गलत और झूठी साबित हो चुकी हैं आज तक कोई भी बाबा फ़क़ीर मुल्ला पंडित ज्योतिषी या कोई साधू महात्मा पादरी इन्हें साबित नही कर पाया है !

कुछ रुपयों के बदले भूत भगाने वाले बाबा में सच मे अगर शक्ति होती तब वह क्यों नही उन चुनौतियों को स्वीकार करता जिसमे उसे 50 करोड़ का इनाम मिल सकता है जी हां अगर कोई भी व्यक्ति जो किसी भी प्रकार के चमत्कार का दावा करता है अगर अपने किसी भी चमत्कारिक दावे को साबित कर देता है तो करोड़ो के इनाम को जीत सकता है जो दुनिया भर के कई अलग अलग वैज्ञानिक संस्थाओं ने ऐसे किसी भी बाबा को देने की घोषणा की हुई है जो भूत प्रेत जादू टोना जैसी किसी भी बात को साबित कर दे लेकिन अफसोस देश भर में कुकुरमुत्ते की तरह गली गली में उगे लाखों बाबाओ मुल्लाओं में से कोई भी आज तक अपने किसी भी चमत्कार को साबित नही कर पाया !

जिससे साबित होता है कि वे सभी के सभी लोगो की अज्ञानता का फायदा उठाकर सिर्फ उनका शोषण करते हैं ! 

अब सवाल यह है कि जब भूत बाधा जैसी कोई चीज होती ही नही तो लोग इतनी बड़ी तादाद में भूत भगाने वाले अड्डों पर या इन बाबाओ मुल्लाओं के पास क्यों जाते है ?

इसका सबसे बड़ा कारण है असमानता अज्ञानता और अन्धविश्वाश पर आधारित हमारी सामाजिक व्यवस्था जिसमे नारी के स्वाभिमान के लिए कोई जगह नही है सामाजिक अव्यवस्था की यह खाई सरकार की गलत नीतियों के कारण और भी गहरी होती जाती हैं ! 

इसीलिए नारी के उत्थान के नाम पर हजारों योजनाओ के बावजूद आज भी हमारे देश मे स्त्रियों की स्थिति सबसे दयनीय है !

जिस उम्र में लड़कियों को स्कूल छोड़ कर कालेज जाना चाहिए उस उम्र में वो ससुराल जाती है जिस उम्र में उसके हाथों में कालेज से डिग्री मिलनी चाहिए उस उम्र में उसकी गोद मे बच्चा आ जाता है !

जिस उम्र में लड़कियों को देश और दुनिया के उत्थान के लिए अपने ज्ञान का उपयोग करना चाहिए उस उम्र में वो घरेलू जिम्मेदारियों में फंसती चली जाती है सास ससुर देवरानी जेठानी के झगड़ो से फारिग होते ही उसे पता चलता है कि उसकी जवानी खत्म हो चुकी है क्योंकि उसके बच्चे जवान हो चुके है !

जिस उम्र में बाहर की औरते शादी करती हैं उस उम्र में हमारे समाज मे औरते नानी बन जाती हैं !

अशिक्षित और घोर अन्धविश्वाश के सामाजिक माहौल में पलने वाली लड़कियां 12 से 18 साल में ही ब्याह दी जाती है उसके बाद वह उम्र भर घरेलू हिंसा मानसिक उत्पीड़न और कदम कदम पे तिरस्कार झेलने को मजबूर हो जाती है और ऐसी परिस्थितियों में कोई भी औरत कई प्रकार के शारीरिक और मानसिक बीमारियों का शिकार हो जाती हैं !

समाज मे परंपरागत रूप से हजारों अन्धविश्वाश मौजूद हैं जिन्हें शिक्षा से दूर किया जा सकता था लेकिन अब तक कि सभी सरकारें ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के नाम पर केवल खानापूर्ति करती रही है जिसके कारण प्राचीन मान्यताओं का प्रभाव खत्म नही हो पाया परिणामस्वरूप भारत की एक बड़ी आबादी अन्धविश्वाशों के दलदल से बाहर निकल ही नही पाई !

बचपन से अपने आस पास भूत प्रेत डायन टोना टोटका का माहौल देखने वाली लड़कियां एक दिन खुद ही मानसिक उत्पीड़न के चरम पर पहुंच जाती है !

यही से शुरू होता है भूत प्रेत चुरइन जादू टोना टोटका और डायन जोगन का पूरा बखेड़ा जिससे निपटने के लिए देश मे हजारों अड्डे तैयार हैं लाखों बाबा मुल्ला फ़क़ीर और तांत्रिक इसी काम के लिए अपनी दुकानें सजाये बैठे हैं !

इन अड्डों पर आने वाली भीड़ में कोई कमी नही होती यहां भी वही मनोविज्ञान काम करता है जो मनोकामना के अड्डों पर काम करता है यानी आपका फायदा हो या आपका सत्यानाश दोनों ही सूरतों में फायदा किसी और का !

कुछ साल पहले तक मिर्गी जैसी बीमारियों को भी भूत बाधा समझा जाता था और उसके इलाज के लिए भी लोग ऐसे ही बेवकूफ बनाए जाते थे !

जिस तरह शरीर से जुड़ी लाखों बीमारियां होती है उसी प्रकार दिमाग से जुड़ी हजारों बीमारियां होती हैं शरीर के भीतर या बाहर की बीमारियों को ही हम बीमारी समझते है और उसके लिए डॉक्टर के पास जाते है लेकिन दिमाग से जुड़ी अलग अलग मानसिक बीमारियों को हम समझ नही पाते और इसे किसी ऊपरी चक्कर से जोड़ देते है !

बस यही शुरू हो जाता है ओझेइति का सदियों पुराना खेल जिसका शिकार ज्यादातर औरते ही ही होती है !

रजिया की शादी हुई शादी के कुछ ही दिनों के बाद रजिया का पति नाजिर कमाने के लिए सऊदी चला गया ! ससुराल में कुछ दिनों तक सब ठीक ठाक रहा लेकिन उसके बाद हालात बदल गए रजिया की तीन जेठानी थी जो रजिया को ताने मारने लगी फिर धीरे धीरे हालात और बिगड़े और काम का सारा बोझ रजिया के सिर डाल दिया गया घर मे उसकी कोई सुनने वाला नही था !

पति से फोन पर बताती भी लेकिन वो सुनता नही !

मायके भी नही जा सकती थी क्योंकि वहां भाभियों में आपस मे ही रोज हल्ला होता था !

ऐसी परिस्थिति में वो सोचती रहती रात रात भर सो नही पाती !

ये सिलसिला यूँही चलता रहा 2 साल बीत गए अब रजिया का शौहर लौटने वाला था वो बहुत खुश थी आखिरकार नाजिर आ गया नाजिर के आटे ही रजिया की जैसे सारी परेशानियां खत्म हो गई थी कुछ दिनों तक सब ठीक रहा लेकिन कुछ दिन बीबी संग बिता कर नाजिर फिर सऊदी चला गया !

नाजिर के जाने के चार महीने के बाद से ही रजिया के ऊपर जिन्न का आना शुरू हो गया !

ससुराल वालों ने कुछ बाबाओं से इलाज करवाया लेकिन कोई फायदा नही हुआ तब उन्होंने रजिया को उसके मायके भिजवा दिया !

मायके में रजिया की बड़ी भाभी उसे लेकर कई दरगाहों पर गई कई टोटके करवाये कई बाबाओं से ताबीज गंडा करवाया लेकिन थोड़े समय के बाद जिन्न फिर से उसे परेशान करना शुरू कर देता !

रजिया की बीमारी बढ़ने लगी तो उसका पति वापस लौट आया और रजिया को लेकर एक psychiatrist के पास पहुंचा !

मनोचिकित्सकों की 6 महीने की दवा और पति की बेहतर देखभाल के कारण रजिया का जिन्न भाग गया जिसे कोई मजार बाबा और मुल्ला नही भगा पाया था !

अब समझे आप ?

ऐसा ही एक किस्सा मेरे एक दोस्त शिवकुमार की भाभी का भी है !

4 साल पहले तक ये महिला एक सामान्य औरत की तरह ही थी लेकिन अचानक कुछ धार्मिक किस्म की औरतों से पाला पड़ने के बाद वो कुछ ज्यादा ही धार्मिक हो गई और उसके व्यवहार में परिवर्तन दिखाई देने लगा !

उसे दूसरी दुनिया के लोग दिखाई देने लगे वो उनसे बाते करती !

सोते समय भी उसे वो बुरी आत्माये परेशान करने लगे !

फिर जब मामला बढ़ने लगा तो घरवालों ने उसे एक बहुत ही पहुंचे हुए बाबा के पास ले गए बाबा की झाड़फूंक के कुछ दिनों के बाद ही फिर से भूत प्रेत परेशान करने लगे !

4 सालों में कई बाबा मुल्ला और भूत उतारने वाले अड्डों पर घुमाने के बाद भी जब उसका भूत नही उतरा तब शिवकुमार ने उन्हें दिल्ली बुला लिया और हॉस्पिटल में एक मनोचिकित्सक को दिखाया !

आज छह महीने बाद अभी तक कोई भूत उसके पास नही फटका !

भूत प्रेत जिन्न जैसी सारी बीमारियों के चार सबसे प्रमुख कारण है 
1-समाज मे व्याप्त अज्ञानता 
2-शिक्षा में वैज्ञानिकता का अभाव 
3-धार्मिक गिरोहों का व्यापक प्रचारतंत्र 
4-सरकार की गलत नीतियां 

इन सभी कारणों से एक ऐसा समाज बनता है जहां कोई खुश नही हर घर मे क्लेश हैं टेंशन हैं ऐसे समाज में घरेलू हिंसा मानसिक उत्पीडन अवहेलना तिरस्कार सबसे ज्यादा औरते ही झेलती हैं !

इन्ही सब कारणों से कई प्रकार के दिमागी भूत प्रेत पैदा होते हैं जो दिमाग से निकल कर शरीर पर सवार हो जाते है इन्ही भूतों को भगाने के लिए इतना बड़ा बाजार तैयार किया है जहां इलाज के नाम पर ठगी और शोषण के सिवा उन्हें कुछ नही मिलता !

जब तक सरकारें जिम्मेदार नही होंगी तब तक पाखंडों की यह भूतलीला यूँही चलती रहेगी !

समाज के पढ़े लिखे वैज्ञानिक सोच रखने वाले नौजवानो को मानवता के विरुद्ध हो रहे इस खिलवाड़ के खिलाफ जागरूकता फैलाने का काम करना चाहिए ! 

एक और सवाल भूत और प्रेतों की सारी प्रजातियां केवल सबसे पिछड़े इलाकों में ही क्यों पाई जाती है जहां अशिक्षा गरीबी जितनी ज्यादा है भूत और प्रेतों का तांडव भी उन्ही इलाकों में सबसे ज्यादा है !

भूत और प्रेतों का इलाज तंत्र मंत्र मुल्ला और बाबा नही बल्कि शिक्षा और जागरूकता हैं !

जैसे प्रकाश से अंधकार मिट जाता है ठीक वैसे ही शिक्षा और जागरूकता से दिमाग की बत्ती जल जाती है और दिमाग मे बैठा भूत भी सदा के लिए भाग जाता है इसलिए ...

दिमाग की बत्ती जलाओ और दिमाग मे बैठे भूत और प्रेत को भगाओ...

एस.प्रेम 

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