क्या प्यार सेक्स की पहली सीढ़ी है या कुछ और ..? - तर्कशील भारत

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Wednesday, November 29, 2017

क्या प्यार सेक्स की पहली सीढ़ी है या कुछ और ..?

आज हम बात करेंगे प्यार मोहब्बत और इश्क़ के बारे में !

मनुष्य के जीवन मे सेक्स एक बहुत ही इम्पोर्टेन्ट विषय है बचपने की दहलीज पार करते ही लड़कों में लड़कियों के प्रति और लड़कियों का लड़कों के प्रति आकर्षण दोनो के अंतर्मन में पैदा होने लगता है जो की बिल्कुल स्वाभाविक होता है !

इसी आकर्षण को हम इश्क़ प्यार और मुहब्बत का नाम देते हैं !
क्या सच में इश्क़ प्यार और मुहब्बत की परिभाषा यही है ?
लड़की और लड़कों के लिए इश्क़ प्यार और मुहब्बत के मायने क्या हैं ?
क्या प्यार सेक्स की पहली सीढ़ी है या कुछ और ..?
एक स्त्री एक मर्द से क्या चाहती है ?
एक मर्द एक स्त्री से क्या चाहता है ?

आइये इन प्रश्नों का विज्ञान विश्लेषण करते हैं !

सबसे पहले आप जान लीजिए कि इश्क़ प्यार और मुहब्बत तीनों में फर्क है तीनों में बहुत बड़ा अंतर है !

इश्क़ हजारों की भीड़ में किसी एक को चुनने का नाम है आप एक कपड़े की दुकान में जाते हैं दुकानदार आपको कपड़े दिखाता है आप उसे और कपड़े दिखाने को बोलते हैं वो आपके सामने कपड़ो का ढेर लगा देता है लेकिन आपको उनमे से कोई पसंद नही आता जबकि आपके साथी को उनमे से कई कपड़े पसंद आ जाते हैं लेकिन आपको जो पसंद आता है वो आपके दोस्त की नजर में ठीक नही होता वो आपसे कहता है इतने बेहतरीन कपड़ों में तुझे यही कपड़ा कैसे पसंद आया ?

यही है इश्क जो आपको हो जाता है किसी से भी चाहे वो दूसरे की नजर में घटिया ही क्यों न हो ? आपको उससे इश्क हो गया क्योंकि आपके दिल ने उसे चुना है यह स्वाभाविक आकर्षण का प्रथम चरण है जिसे आपने पूरा किया !

इश्क़ में कोई स्वार्थ नही होता लेकिन प्यार निस्वार्थ नही होता प्यार में कोई न कोई स्वार्थ जरूर होता है और जब तक स्वार्थ रहता है तब तक प्यार भी बना रहता है स्वार्थ खत्म तो प्यार भी खत्म !!

एक उदाहरण से समझिये !

कोई आदमी अपनी नौकरी से बहुत प्यार करता है कोई अपने बिजनेस से कोई अपनी गाड़ी से लेकिन अगर नौकरी वाले कि सैलरी खत्म हो जाये व्यापारी मुनाफा घट जाए और गाड़ी वाले कि गाड़ी खराब हो जाये तब उनका प्यार भी उसी अनुपात में घट जाता है या समाप्त हो जाता है यानी प्यार का संबंध आपके हितों पर निर्भर है जब तक आपका फायदा होता है तब तक आपका प्यार भी बना रहता है !

एक लड़की को फेसबुक पर एक लड़के से इश्क़ हो गया धीरे धीरे इश्क़ बेइंतहा प्यार में बदल गया दोनो ने मिलने का फैसला किया लेकिन लड़की को जब पता चलता है की लड़के के लिंग में उत्तेजना नही है तो उसका बेइंतहा प्यार एक झटके में खत्म हो गया फिर वो लड़की उस लड़के से दुबारा कभी नही मिली ! स्वार्थ खत्म प्यार खत्म !!

यही है प्यार की परिभाषा !

एक बाप अपनी संतान से बहुत प्यार करता है लेकिन वही बाप इज्जत के नाम पर अपनी संतानों का कत्ल भी कर सकता है क्योंकि यहां भी प्यार के साथ स्वार्थ जुड़ा होता है बाप चाहता है उसकी संतान उसका नाम रौशन करें लेकिन जब वही संतानें उसकी तथाकथित नाक कटवा देती हैं तो उसका प्यार खत्म हो जाता है !

मुहब्बत में कोई स्वार्थ नही होता वो मां की ममता की तरह पवित्र होती है !

एक मां अपने बच्चों से मुहब्बत करती है वो उनकी परवरिश करती है उन्हें बडा करती है इसमें उस मा का कोई स्वार्थ नही होता संतान नालायक निकल जाए मां को घर से निकाल दे फिर भी वो मां उन बच्चों का बुरा नही चाहती यही है मुहब्बत !

एक व्यक्ति ने शादी की हनीमून पर गए वहां उस जोड़े का एक्सीडेंट हो गया पति को कुछ नही हुआ लेकिन पत्नी पैरालाइज हो गई डॉक्टरों ने जवाब दे दिया दो साल के बाद लड़के के घरवालों ने उस व्यक्ति को दूसरी शादी करने को कहा लेकिन उसने मना कर दिया और पूरे 50 वर्षों तक वह आदमी उस पैरालाइज औरत की सेवा करता रहा आखिर में 2006 में उस महिला की मौत हुई और 2009 में वह आदमी भी मर गया !

इस सच्ची घटना में उन दोनों स्त्री पुरूष के बीच के उस अटूट रिश्ते को मुहब्बत कहा जा सकता है क्योंकि वहां कोई स्वार्थ नही था सिर्फ मुहब्बत थी !

एक औरत को अपने पति से तीन ही चीजें चाहिए तन मन और धन 

इन तीनों में से किसी एक कि कमी होने पर पति पत्नी का यह रिश्ता डगमगाने लगता है असंतुलित हो जाता है !

एक आदमी के लिए सेक्स का मतलब क्षणिक उत्तेजना की संतुष्टि तक सीमित है लेकिन एक औरत के लिए सेक्स क्षणिक उत्तेजना की संतुष्टि नही है बल्कि मर्द के सुरक्षा घेरे में पूरे दिन की छेड़छाड़ अंतर्मन की बातें उसके बाद शरीर का मिलन इन सभी बातों का पैकेज ही एक औरत के लिए सेक्स है !

मर्द की उत्तेजना टीन की पतली चादर की तरह होती है जो तुरंत गरम होकर तुरंत ठंडी हो जाती है लेकिन एक औरत की उत्तेजना ठोस लोहे के एक मोटे स्तम्भ की तरह होती है जो जल्दी गर्म नही होती और यदि एक बार गर्म हो गई तो जल्दी ठंडी नही होती !

तो दोस्तों मुझे लगता है आज के इस वीडियो से आप इश्क़ प्यार और मुहब्बत के फ़र्क़ को अच्छी तरह समझ गए होंगे !

अगर आपको भी किसी से इश्क़ है तो अपने अंतर्मन से पूछिए की आपको उनसे स्वार्थों पर आधारित प्यार है या निस्वार्थ मुहब्बत !!

S Prem

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